प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। ठंड के तेवर बढ़ते जा रहे हैं। मेरठ में रविवार की भोर सीजन की सबसे ठंडी रही। प्रदेश में मेरठ सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह के साथ-साथ शाम होने के बाद हाड़ कंपाने वाली बर्फीली हवा ने लोगों को हलकान कर दिया।
दिन में खिली धूप निकलने के बाद भी हवा ठिठुरने को मजबूर करती रही। इससे पहले शुक्रवार को 4.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। फिलहाल 15 जनवरी तक ठंड से राहत के कोई आसार नहीं हैं।
पश्चिम विक्षोभ के गुजर जाने के बाद बर्फीली चोटियों से होते हुए ठंडी हवा मैदानी क्षेत्र की ओर आ रही है। मेरठ के पास गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में भी न्यूनतम तापमान क्रमश: 4.4 और 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा.
सुबह के समय जब तक सूरज नहीं निकला तो हवा शरीर को सुन्न करती रही। चार से आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली उत्तर पश्चिम सर्द हवा लोगों को किसी हिल स्टेशन पर होने का आभास करा रही थी। कामकाज के लिए निकले लोग कांपते हुए नजर आए। दोपहर में धूप ने जरूर राहत का अहसास कराया।
शाम होने के बाद ठंड फिर से कंपाती रही। ठंड के चलते अवकाश होने के बावजूद अधिकतर लोग घरों से बाहर नहीं निकले। शाम सात बजे सदर, बेगमपुल, सेंट्रल मार्केट जैसे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
पिछले तीन दिन से रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की जा रही है। वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखा गया, शाम चार बजे एक्यूआइ 216 आंका गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र के प्रभारी डा. यूपी शाही ने बताया कि पाला पड़ने की आशंका है। किसानों को फसलों की हल्की सिंचाई करनी चाहिए। |
|