search

Satta King: सट्टा किंग बनने की चाह में छोटे बच्चों को बना रहा था शिकार, जानिये कैसे बचें

deltin55 1 hour(s) ago views 74

सट्टा किंग क्रिकेट से लेकर चुनाव तक हर मौके पर दांव लगाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सके। यही नहीं, रोजाना दिन में कई बार सट्टे खोले जाते हैं। भारत में सट्टा खेलना अवैध है, इसके बावजूद अमीर बनने की चाह में लोग बाज नहीं आते हैं। चिंताजनक पहलु यह है कि सट्टा किंग के गुर्गे युवाओं को पहले ही झांसे में ले चुके हैं, लेकिन मेरठ से ऐसी खबर सामने आई है, जो दर्शाती है कि अब छोटे बच्चों को भी सट्टा खेलने की लत लगवाई जा रही है।

मेरठ पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि गुरुद्वारा रोड ट्रांसफार्मर के पास एक युवक सट्टा खाईवाली कर रहा है। इस पर पुलिस ने टीम गठित की और मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही एक युवक ने वहां से फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने जब उसे घेरकर उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक पेन, चार सट्टा पर्चियां और 225 रुपये नकद बरामद हुए। इस पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उससे पुलिस भी हैरान हो गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान शोएब के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने माना कि वो छोटे-छोटे बच्चों को भी सट्टा खेलने की लत लगवा रहा था ताकि उसका मुनाफा बढ़ सके। यही नहीं, वो बच्चों द्वारा दिए गए नंबर को लकी मानता और खुद भी सट्टा लगाता। अगर किसी बच्चे का सट्टा लग जाता तो उसे कम पैसे देता। पुलिस ने बताया कि सट्टेबाजों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहता है। इस आरोपी से जो भी खुलासे हुए हैं, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना बता रही है कि सट्टा किंग बनने की चाह में छोटे बच्चों को भी जुआ खेलने की लत लगवाई जा रही थी। अगर आपका बच्चा आपसे अधिक जेब खर्च मांगने लगे, तो आपको यह अवश्य देखना चाहिए कि जो पैसे दे रहे हैं, वो इस पैसे को कहां खर्च कर रहा है। इसके अलावा, पैसे रखने की जगह को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। साथ ही, पैसों को इधर-उधर नहीं रखना चाहिए। बच्चों को पैसों की अहमियत समझाना चाहिए और ऑनलाइन गेमिंग जैसी खेलों के दुष्प्रभावों से भी अवगत कराना चाहिए।



आरोपी शोएब ने खुलासा किया कि वो बच्चों को सट्टे की लत लगवाना चाहता था। दरअसल, सट्टा खेलना एक लत ही है, जिसे छोड़ना आसान नहीं होता है। एम्स भोपाल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर तन्मय जोशी ने हरिभूमि डिजिटल से बातचीत के दौरान बताया था कि 100 लोगों में से 10 लोगों को सट्टा खेलने की लत होती है। दिनभर सट्टा जुआ के बारे में सोचना, सट्टा खेलने के लिए पैसों का इंतजाम करना, नंबरों के बारे में सोचना जैसे लक्षण हैं, जो दर्शाते हैं कि सट्टे की लत लग चुकी है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, जो कई बीमारियों को न्यौता देता है। उन्होंने बताया कि सट्टे की लत से बचने के लिए कोई मेडिसन नहीं है, लेकिन काउंसलिंग और परिवार का सहयोग संबंधित व्यक्ति को इस लत से निकाल सकता है।
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin55

He hasn't introduced himself yet.

310K

Threads

12

Posts

1110K

Credits

administrator

Credits
116724

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com