जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। आपके घर में या फिर अगल-बगल कोई असहाय है। उसे भूख लगी है या प्यास यह पता ही नहीं चल पाता। इससे निजात दिलाने के लिए डीबीएमएस इंग्लिश हाई स्कूल कदमा के छात्र कक्षा आठवीं के छात्र जिवाज जे साहू व विवान पाठक ने ‘इको ग्लब’ नामक नए उपकरण का आविष्कार किया है।
इस ग्लब में एक सेंसर लगा हुआ है। सेंसर में वन, टू, थ्री, फोर अंगुली के मूवमेंट के अनुसार असहाय या दिव्यांग व्यक्ति को क्या चाहिए इसके बारे में जानकारी डिस्प्ले बोर्ड में टेक्सट मैसेज भेजकर देता है। एक अंगुली के मूवमेंट पर खाना और दो अंगुली के मूवमेंट पर पानी को फिक्स किया गया है।
इसी तरह अन्य अंगुलियों के मूवमेंट पर दवा से लेकर कई चीजें फिक्सड की गई है। इस आविष्कार के गाइड शिक्षक हीरक विश्वास ने बताया कि यह उपकरण छात्रों की मेहनत का नतीजा है और इसे स्कूल के अटल टिंकरिंग लैब में तैयार किया गया है।
यह उपकरण दिव्यांग जनों एवं विशेष परिस्थिति के मरीजों के सहायक सिद्ध होगा। बस दिव्यांगों एवं असहाय लोगों का दिमाग सिर्फ काम करना चाहिए। धनबाद में आइएसएम-आइआइटी द्वारा आयोजित झारखंड स्कूल इनोवेशन चैलेंज प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
इसमें राज्य के 144 विद्यालयों के 200 टीमों ने भाग लिया था। छात्रों को ट्राफी के अलावा प्रमाण पत्र व 30 हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
स्ट्रीट लाइट के खंभे लगे मशीन से पता चलेगा वायु प्रदूषण
काशीडीह हाई स्कूल के छात्र शुभम द्वारा निर्मित नवाचारी मॉडल \“ऑटोमोबाइल प्रीसिपिटेटर\“ का चयन इंस्पायर–मानक अवार्ड के राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया था। यह मॉडल रूपी उपकरण सड़कों के स्ट्रीट लाइट पर लगा रहेगा। “आटोमोबाइल प्रीसिपिटेटर” नामक यह उपकरण स्ट्रीट लाइट में सोलर लाइट के साथ लगा रहेगा।
यह इलेक्ट्रो स्टेटिक प्रीसिपिटेटर टेक्निक पर आधारित है। कारखानों में इस तकनीक का बड़ा रूप काम करता है। कारखानों में लगी ये उपकरण धूल कणों को अलग करता है तथा वायु को छोड़ता है। इस उपकरण को लघु रूप देकर यह नवाचारी मॉडल विकसित किया गया है। इस \“ऑटोमोबाइल प्रीसिपिटेटर\“ में सोलर पैनल भी लगा हुआ है।
इसके माध्यम से यह उपकरण चालू रहेगा तथा सड़कों पर वाहन गुजरने पर इसके धुल कणों संग्रहित करेगा तथा हवा को शुद्ध करते हुए वायुमंडल में छोड़ेगा। इससे वायु प्रदूषण थोड़ा कम होगा। छात्र शुभम ने बताया कि यह उपकरण नेशनल हाइवें तथा शहरी क्षेत्र के सड़कों या फिर ऐसी सड़कों के लिए यह उपयोगी जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और वायुमंडल को प्रदूषित कर रहे हैं।
AI कृषि सुरक्षा मॉडल के माध्यम से होगी खेती की निगरानी
डायट चाकुलिया में 8 जनवरी से 10 जनवरी तक तीन दिवसीय जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए कुल 12 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों के लिए टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल), सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी तथा विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
विज्ञान प्रदर्शनी में पीएम श्री उच्च विद्यालय खुकराडीह के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “एआइ कृषि सुरक्षा माडल” को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। यह मॉडल कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित है, जिसका उद्देश्य किसानों की फसलों को जानवरों, चोरी एवं अन्य संभावित खतरों से सुरक्षित रखना है।
सेंसर एवं कैमरा तकनीक के माध्यम से खेतों की निगरानी कर किसी भी असामान्य गतिविधि की स्थिति में किसानों को तुरंत सूचना दी जाती है। इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण कुमार ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी समझ को बढ़ावा देती है। |
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