किसानों को बजट में ऐसे मिल सकता है फायदा
नई दिल्ली। कुछ ही दिनों में बजट पेश किया जाने वाला है। हर साल बजट से पहले अलग-अलग इंडस्ट्रीज की तरफ से सरकार के सामने अपनी मांगे रखी जाती हैं। इस साल बजट (Union Budget 2026) से पहले इंडियन माइक्रो-फर्टिलाइजर्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने भी केंद्र सरकार के सामने कुछ मांग रखी है, जिससे किसानों को भी लाभ होगा।
क्या है IMFMA की मांग?
इंडियन माइक्रो-फर्टिलाइजर्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IMFMA) ने केंद्र सरकार से फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर के तहत लिस्टेड सभी फर्टिलाइजर पर 5% GST रेट लागू करने और ज्यादा GST क्रेडिट के पेंडिंग रिफंड को क्लियर करने की मांग की है। साथ ही यूनियन बजट से पहले एक यूनिफाइड लाइसेंसिंग सिस्टम शुरू करने की भी मांग की गयी है।
किन प्रोडक्ट्स पर घटा था जीएसटी?
IMFMA ने GST 2.0 के तहत शेड्यूल 1G फर्टिलाइजर और उनके मिक्सचर पर GST को 12% से घटाकर 5% करने का स्वागत किया था। हालांकि, मगर अब इस उद्योग के व्यापारियों का कहना है कि मैन्युफैक्चरर्स एक रिवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का सामना कर रहे हैं, जहां कुछ कच्चे माल और सेवाओं पर फाइनल प्रोडक्ट्स की तुलना में ज्यादा GST लगता है, जिससे इंडस्ट्री पर फाइनेंशियल दबाव पड़ रहा है।
किसानों को क्या होगा फायदा?
अपने बजट से पहले की गयी सिफारिशों में, IMFMA ने केंद्र सरकार से कहा है कि फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO) के तहत नोटिफाई किए गए सभी फर्टिलाइजर पर 5 फीसदी GST एक समान रूप से लागू किया जाए। यदि ऐसा होता है तो किसानों को खेती की लागत कम होने से फायदा मिलेगा। इससे उनकी बचत बढ़ेगी और कमाई-मुनाफा अधिक होगा।
इस कदम से इनपुट लागत कम होती है, कैश फ्लो बेहतर होता है और उपज के लिए जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स ज्यादा आसानी से मिलते हैं।
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