प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। नशे की हालत में एक व्यक्ति ने शनिवार रात पहले अपनी पत्नी और बहू पर चाकू से हमला कर दिया। गनीमत रही कि दोनों के हाथ में ही चोट आई और जान बच गई। इसके बाद रविवार सुबह फिर विवाद शुरू हुआ और व्यक्ति ने खुद के पेट में चाकू घोंप लिया।
चाकू पेट में फंसने से आंत बाहर आ गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देख माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति स्थिर है।
उस्का थाना क्षेत्र के बरगदही गांव निवासी 55 वर्षीय परमानंद गुप्ता शनिवार शाम नशे की हालत में घर पहुंचा और पत्नी उमा तथा बहू शोभा से विवाद करने लगा। बात बढ़ने पर उसने चाकू से दोनों पर हमला कर दिया। चाकू पत्नी की उंगली और बहू के हाथ में लगा। स्वजन दोनों घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां प्राथमिक उपचार और टांके लगाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
रविवार सुबह परमानंद ने फिर झगड़ा शुरू कर दिया और इसी दौरान खुद के पेट में चाकू मार लिया। चाकू पेट में धंस गया, जिससे आंत बाहर निकल आई। स्वजन उसे आनन-फानन में लोटन सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में डॉक्टर शब्बीर, उमेश और अतीफ की टीम ने करीब एक घंटे तक जटिल सर्जरी की। डॉक्टरों के अनुसार चाकू आंत में फंसा हुआ था। आंत की मरम्मत कर उसे वापस अंदर रखा गया और टांके लगाए गए।
फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है। पीड़ित के पुत्र अजय कुमार ने बताया कि पिता नशा करने के बाद अक्सर घर में विवाद करते थे। शनिवार रात और रविवार सुबह भी इसी कारण यह घटना हुई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उस्का थानाध्यक्ष हरिकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि परमानंद नशे में था। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती है। इस मामले में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। इस लिए कोई लिखा पढ़ी नहीं की गयी है।
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