जागरण संवाददाता, भागलपुर। केंद्र सरकार ने केंद्र प्रायोजित जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) प्रशासन योजना बंद करने आदेश दिया था। एक अप्रैल 2022 से डीआरडीए का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस संबंध में प्रदेशों को डीआरडीए का विलय जिला परिषद या जिला पंचायतों में करने में सुझाव दिया गया था।
जहां जिला पंचायतें नहीं हैं, वहां डीआरडीए का विलय जिला परिषदों या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य निकाय में किया जा सकता है। प्रतिनियुक्ति के आधार पर डीआरडीए में कार्यरत कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस समायोजित किया जा सकता है।
जिला विकास विभाग (डीआरडीए) के सहायक कर्मचारियों को उनकी योग्यता के अनुसार जिला योजना एवं निगरानी निकाय में समायोजित किया जा सकता है। यदि ऐसा समायोजन संभव न हो और स्वाभाविक न हो, तो उन्हें एमजीएनआरईजीएस, पीएमएवाई, एनएसएपी आदि जैसी योजनाओं में उनकी योग्यता और सामर्थ्य के अनुसार उपयुक्त पदों पर नियुक्त किया जा सकता है।
तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी डीआरडीए कर्मियों अन्य विभागों में नहीं भेजा गया है। इधर, कांग्रेसी नेता निहालउद्दीन ने जिला परिषद अध्यक्ष को पत्र लिखकर भारत सरकार के निर्देश के आलोक में डीआरडीए में कार्यरत पदाधिकारियों-कर्मचारियों व यहां चलने वाली योजनाओं को जिला परिषद के अधीन करने का अनुरोध किया है।
इसके आलोक में जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन कुमार ने उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को संबंधित मामले को लेकर संचिका तैयार करने को कहा है।
सितंबर से नहीं मिला है वेतन
डीआरडीए कर्मियों को सितंबर माह से भुगतान नहीं हुआ है। वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों का चार माह का मकान भाड़ा, बच्चों के स्कूल के फीस, राशन आदि देने में परेशानी खड़ी हो गई है।
लगातार हो रहे तकादा के कारण कर्मी व उनके परिजन मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। अपने आपको असहज महसूस हो रहे हैं। डीआरडीए कर्मियों की बहाली 2007 में लिखित परीक्षा लेने के साथ-साथ विहित प्रक्रिया के तहत किया गया था। 2018 के बाद से वेतनादि में किसी प्रकार की बढ़ोत्तरी सरकार द्वारा नहीं की गई है।
इन कर्मियों को कभी मनरेगा मद से तो कभी आवास योजना मद से वेतन का भुगतान किया जाता है। डीआरडीए को भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र एक नवंबर 2021 के माध्यम से एक अप्रैल 2022 के प्रभाव से डीआरडीए प्रशासन मद को बंद करते हुए इनके कर्मी को लाइन डिपार्टमेंट, डिस्ट्रिक प्लानिंग एंड मानीटरिंग बाडी में समायोजन करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था। तीन वर्ष बीत जाने के बाद कर्मियों का समायोजन नहीं किया गया है। |
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