पहले चरण में कश्मीर के दस जिलों में 40 यूनिट्स तैनात होंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आधुनिक व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू हो रही हैं। सरकार द्वारा प्रस्तावित एक महत्वाकांक्षी टेलीमेडिसिन पहल के तहत अब मरीजों को विशेषज्ञ डाक्टरों से परामर्श के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
इस परियोजना के अंतर्गत एक टेलीमेडिसिन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीज वीडियो या टेलीफोन के माध्यम से जिला अस्पतालों, सरकारी मेडिकल कालेजों और अन्य प्रमुख संस्थानों में मौजूद विशेषज्ञ डाक्टरों से सीधे परामर्श कर सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल से मरीजों को लंबी यात्रा से राहत मिलेगी और विशेष रूप से सर्दियों के मौसम तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सीय सलाह उपलब्ध हो सकेगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, टेलीमेडिसिन सेवा को कश्मीर डिवीजन के सभी दस जिलों में लागू किया जाएगा। इस नेटवर्क के तहत कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और न्यू टाइप प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को जिला स्तर के केंद्रीय हब से जोड़ा जाएगा।
परियोजना के प्रथम चरण में कुल 40 टेलीमेडिसिन यूनिट्स आवंटित की गई हैं, जिन्हें अनंतनाग, बांडीपोरा, बारामुला, बडगाम, गांदरबल, कुलगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा, शोपियां और श्रीनगर जिलों में तैनात किया जाएगा।अधिकारी ने कहा कि यह प्रणाली दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में मूलभूत सुधार होगा।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी बनी हुई है। विशेषकर विशेषज्ञ डाक्टरों की भारी कमी है और मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में जाना पड़ता है। |