जागरण संवाददाता, संभल। उत्तराखंड के रामनगर में ट्रक से रेता लेने गए असमोली थाना क्षेत्र के गांव चंदवार की मढ़ैया निवासी दो चालकों की ट्रक के केबिन में जलाए गए प्रेट्रोमेक्स से बनी जहरीली गैस के कारण मौत हो गई।
रात के सोये दोपहर तक जब वे नहीं उठे तो अन्य लोगों ने शीशा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। साथ ही उनके स्वजन को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद स्वजन में खलबली मच गई। दोनों ट्रक में रामनगर से रेता-बजरी भरकर असमोली क्षेत्र में बेचते थे।
असमोली थाना क्षेत्र के गांव चंदवार की मढ़ैया निवासी इरफान (34)और इकरार (35) दोनों पेशे से ट्रक चालक थे और रोजाना रामनगर से रेता-बजरी भरकर असमोली लाकर क्षेत्र में कारोबारियों के यहां उतारते थे। शनिवार को ट्रक से उत्तराखंड के रामनगर अंतर्गत पीरूमदारा स्थित स्टोन क्रशर से रेता लेने गए थे।
वहां पहुंचने के बाद क्रशर में तकनीकी वजह से रेता नहीं भर पाए। देर रात होने के कारण उन्होंने घर जाने के बजाय ट्रक को साइड में खड़ा कर वहीं रुकने का फैसला किया। सर्दी अधिक होने के कारण दोनों ने ट्रक के केबिन में ही सोने की तैयारी की। सर्दी से बचने के लिए उन्होंने गैस से चलने वाला प्रेट्रोमेक्स जलाकर केबिन के अंदर रख लिया।
बताते हैं कि केबिन बंद होने के कारण प्रेट्रोमेक्स से निकलने वाली गैस धीरे-धीरे अंदर भरती चली गई। थकान के चलते दोनों को नींद आ गई और उन्हें गैस का अहसास नहीं हो सका। पूरी रात केबिन में जहरीली गैस भरी रहने से दोनों का दम घुट गया। रविवार की सुबह 11 बजे उन्हें एक परिचित ने उठाया तो उन्हें केबिन में सोया हुआ समझकर वापस चले गए।
एक बजे तक भी वह नहीं उठे। काफी देर होने और उन्हें उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं उठे। इसके बाद केबिन का शीशा तोड़ा तो वह अचेत अवस्था में थे।
आसपास के लोगों ने ट्रक के केबिन का शीशा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला। साथ ही तुरंत उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया, वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया। |
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