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जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत सरकार हर हाथ को रोजगार देना चाहती है। मगर, बैंक लोन पास नहीं कर रहे हैं। बैंक प्रबंधन की मनमानी का आलम यह है कि बिना किसी ठोस वजह के आधे से ज्यादा पत्रावली को निरस्त कर दिया। ऐसे में युवा कैसे उद्यमी बन पाएंगे।
इससे बैंक प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देने की शुरुआत की गई। इसमें 10 प्रतिशत मर्जिन मनी सब्सिडी भी मिलती है। इस योजना के तहत अब तक तीन हजार 867 आवेदन फार्म युवाओं ने जमा किया।
इसमें इसमें दो हजार 528 पत्रावली को निरस्त कर दिया गया। एसबीआइ ने सर्वाधिक 716 आवेदन निरस्त किया है, जबकि बैंक आफ बड़ौदा ने 671 और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने 511 फार्म कैंसिल किया है। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक ने 215, केनरा बैंक ने 40, यूको बैंक ने 60, इंडियन बैंक ने 49 और सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने भी 36 पत्रावली को निरस्त किया है।
इसके अलावा बैंक आफ महाराष्ट्रा, बैंक आफ इंडिया, यूनियन बैंक आफ इंडिया सहित अन्य बैंकों ने भी लोन की फाइल को निरस्त किया है। उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त उद्योग अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि योजना को लेकर बैंक प्रबंधन गंभीर नहीं है। काफी संख्या में पत्रावली निरस्त कर दी गई है। युवा योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए।
पता करते रहिएगा... निरस्त कर दी पत्रावली
पट्टी के बीबीपुर के अतुल सिंह, सधईपुर वार्ड के आदित्य जायसवाल दियांवा के शुभम यादव, धारूपुर के आकाश उपाध्याय और संडवा चंद्रिका के गनेशपुर के राज बहादुर वर्मा आदि ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया। इनके अनुसार दर्जन भर से अधिक बार बैंक का चक्कर लगाया। बैंक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पता करते रहिएगा। कुछ दिन बाद पत्रावली निरस्त कर दी गई। |
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