पहले यह प्रेमी युगल अपने परिजनों के विरोध और जान से मारने की धमकियों के चलते रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंचा था।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज में एक मुस्लिम समुदाय की युवती ने अपने हिन्दू प्रेमी के साथ हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह कर नई जिंदगी की शुरुआत की। दंडईट बाबा मंदिर परिसर में इस युवती ने अपने प्रेमी के साथ विवाह किया। दोनों बालिग हैं और आपसी सहमति से एक साथ रहने का निर्णय लिया। हाल ही में, यह प्रेमी युगल अपने परिजनों के विरोध और जान से मारने की धमकियों के चलते रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पहुंचा था, जहां उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
यह मामला लगातार विवाद का रूप लेता गया और सामाजिक दबाव बढ़ता गया, लेकिन प्रेमी युगल अपने फैसले पर अडिग रहा। कई दिनों तक चली जद्दोजहद, असुरक्षा और तनाव के माहौल के बाद अंततः आज मंदिर में उनका विवाह संपन्न हुआ।
गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात फेरे लेकर सात जन्मों के बंधन में बंध गए। परिजनों के विरोध और धमकियों के बावजूद, प्रेमी युगल ने कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों का प्रयोग किया और अपने रिश्ते को नई पहचान दी। विवाह के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
यह पूरा घटनाक्रम रॉबर्ट्सगंज-करमा थाना क्षेत्र से जुड़ा है और इस विवाह के बाद मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझता नजर आ रहा है। इस विवाह ने न केवल प्रेमी युगल के लिए एक नई शुरुआत की है, बल्कि यह समाज में प्रेम और सहिष्णुता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि प्रेम किसी भी धर्म, जाति या समुदाय की सीमाओं को पार कर सकता है। प्रेमी युगल ने अपने रिश्ते को सामाजिक मान्यता दिलाने के लिए साहसिक कदम उठाया, जो कि आज के समय में एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। रॉबर्ट्सगंज में हुए इस विवाह ने न केवल प्रेम की जीत को दर्शाया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए साहस और दृढ़ता की आवश्यकता होती है। |