आरसीपी सिंंह ने की सीएम नीतीश कुमार की सराहना।
राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिलाने के अभियान में शामिल हो गए हैं।
एक समय नीतीश के बहुत करीबी रहे आरसीपी राजनीतिक रूप से अलगाव में पड़े हुए हैं। उनके जदयू में आने की भी चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भारत रत्न के सर्वथा योग्य हैं। उन्हें यह सम्मान मिलना ही चाहिए। आरसीपी की इस पहल को जदयू में आने की उनकी इच्छा से जोड़ कर देखा जा रहा है।
2022 में CM नीतीश से अलग हुए थे आरसीपी
करीब 25 साल तक साथ रहने के बाद आरसीपी अगस्त 2022 में नीतीश कुमार से अलग हो गए थे। कुछ दिनों तक वे भाजपा में रहे। लेकिन, एनडीए में जदयू की वापसी के साथ ही उनका भाजपा में रहना दूभर हो गया।
2025 के विधानसभा चुनाव के समय वे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े। अभी वे जनसुराज से अलग नहीं हुए हैं। मगर, जदयू के करीब आने का प्रयास कर रहे हैं।
ताजा मामला यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर दी है। रविवार को पटेल समाज की ओर से आयोजित दही-चूड़ा भोज में वे शामिल हुए और नीतीश की खूब प्रशंसा की।
नीतीश से कभी अलग नहीं हुए
इसे संयोग नहीं माना जा रहा है कि इस भोज में मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे। आरसीपी ने कहा कि वह कभी नीतीश कुमार से अलग नहीं हुए।
हम दोनों एक दूसरे को पिछले 25 वर्षों से जानते हैं। उन्होंने राज्य का विकास किया है। आरसीपी का यह रूख जदयू से अलग होने के समय की उनकी तीखी टिप्पणियों से अलग है।
दल से अलग होने के समय उन्होंने कहा था कि राज्य में विकास नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चंद लोगों से घिरे हुए हैं, जो उनकी चापलूसी करते हैं।
यहां तक कि विधानसभा चुनाव के समय भी उन्होंने एनडीए की विदाई की भविष्यवाणी की थी। उनकी पुत्री लता सिंह अस्थावां विधानसभा क्षेत्र से जसुपा टिकट पर चुनाव भी लड़ी थीं, जहां उनकी हार हो गई थी। |
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