सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता ,अनुगुल। ओडिशा के मयूरभंज जिले की एक विशेष पोक्सो अदालत ने सोमवार को मानवता को शर्मसार करने वाले एक अपराधी को सख्त संदेश दिया है। अदालत ने चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में 20 वर्षीय युवक बुलू मुखी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
नहाने के बहाने ले जाकर किया था दुष्कर्म
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घिनौनी वारदात 3 जून, 2025 को सुलियापाड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। दोषी बुलू मुखी मासूम बच्ची को नहाने के बहाने पास की एक नदी पर ले गया था, जहाँ उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (वीएनएस) और पोक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
आर्थिक दंड और मुआवजे का निर्देश
विशेष पोक्सो अदालत के न्यायाधीश संतोष कुमार नायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही, अदालत ने मयूरभंज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया है कि पीड़िता को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए।
गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट ने साबित किया अपराध
विशेष लोक अभियोजक मनोरंजन पटनायक ने बताया कि इस मामले में सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गईं। इन सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश संतोष कुमार नायक ने बुलू मुखी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
अभियोजक ने कहा कि यह निर्णय समाज में एक कड़ा संदेश देगा। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा समय पर दाखिल की गई चार्जशीट और ठोस फोरेंसिक साक्ष्यों की वजह से आरोपी को सजा दिलाने में मदद मिली। स्थानीय लोगों ने भी अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। |
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