राज्य ब्यूरो, लखनऊ। केंद्र सहायतित योजनाओं की धनराशि लाभार्थियों तक वितरित होने में एसएनए-स्पर्श पोर्टल के कारण हो रही व्यावहारिक दिक्कत से वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अवगत कराया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में शनिवार को राज्यों के वित्त मंत्रियों से हुए संवाद में सुरेश खन्ना ने मांग की कि प्रदेश में एसएनए-स्पर्श (सिंगल नोडल एजेंसी–सिस्टम आफ इंटीग्रेटेड क्विक ट्रांसफर) की नई व्यवस्था से कठिनाई महसूस हो रही है।
उत्तर प्रदेश में इसे पूरी तरह लागू करने के लिए समय बढ़ाई जाए और डीबीटी स्कीम को अभी इससे मुक्त रखा जाए ताकि लाभार्थी को होने वाले भुगतान में विलंब न हो।
उन्होंने केंद्रीय वित्तमंत्री को बताया कि एसएनए-स्पर्श के तहत केंद्रांश राज्य की समेकित निधि में नहीं आने से कई प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही हैं। पूरी तरह डिजिटल प्रणाली होने के बावजूद सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) तथा एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आइएफएमएस) में बार-बार होने वाले बदलाव, फाइल अपलोड की सीमाएं और मंत्रालयों के अनुमोदन में लगने वाला समय भुगतान में विलंब का कारण बन रहा है।
सुरेश खन्ना ने यह बात भी रखी कि उत्तर प्रदेश को इस प्रणाली के तीसरे चरण में शामिल किया गया है, जबकि सभी चरणों के लिए समय-सीमा समान रखी गई है।
बड़े राज्यों के लिए यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। इसलिए एसएनए-स्पर्श के अंतर्गत योजनाओं की समय-सीमा में विस्तार की मांग उन्होंने की। प्रदेश में केंद्रीय सहायता मद की योजनाओं की संख्या और स्वरूप समय-समय पर बदलता रहा है।
इस समय प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, समग्र शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ऊर्जा, महिला कल्याण, समाज कल्याण व जनजाति कल्याण सहित लगभग 70 योजनाएं संचालित हैं। नवंबर तक स्थिति यह रही कि तीन विभागों को उनकी योजनाओं के लिए कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को मात्र 18.7 प्रतिशत, ऊर्जा विभाग को 23.2 प्रतिशत, महिला कल्याण विभाग को 25.3 प्रतिशत, समाज कल्याण व जनजाति कल्याण को 26 प्रतिशत, बेसिक शिक्षा को 30.2 प्रतिशत, नगर विकास को 30.8 प्रतिशत और कृषि विभाग को केवल 31.4 प्रतिशत केंद्रांश ही मिल सका।
एसएनए-स्पर्श से अब केंद्र से सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगी धनराशि
अब तक केंद्रीय सहायता मद संबंधित विभाग को भेजा जाता था, जहां से भुगतान एजेंसियों को किया जाता था। इस प्रक्रिया में धनराशि कई दिनों तक विभागों के पास लंबित रहती थी।
एसएनए-स्पर्श व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार ने यह प्रविधान किया है कि उपयोगिता प्रमाण पत्र, बिल और वाउचर प्राप्त होने पर धनराशि सीधे संबंधित लाभार्थी या एजेंसी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इससे धनराशि विभागों के पास लंबित नहीं रहेगी और वास्तविक लाभार्थी को सीधे भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। |
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