अनुज मिश्र, मुरादाबाद। आमजन भला क्या ही संकल्पना करें? जब जनप्रतिनिधि ही सरकारी मशीनरी के सिस्टम में उलझ जाए। आपको सुनने में यह हैरानी भरा जरूर लगा रहा होगा, मगर यह सच है।
जनता कहते-कहते थक गई। सुनवाई ना हुई। जनप्रतिनिधि फंदे में फंसे तो मुद्दा गर्म हो गया। जी हां, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
मुद्दा विकास शुल्क के नाम पर अवैध वसूली का है। भाजपा एमएलसी गोपाल अंजान ने बताया कि नया मुरादाबाद में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। बावजूद विकास शुल्क के नाम पर एमडीए ने करीब 1 लाख 20 हजार का नोटिस भेज दिया। बात की, रिवाइज कर उसे करीब 20 हजार कर दिया।
बात रिवीजन की नहीं, जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि जनता की क्या स्थिति होगी, अंदाजा लगाया जा सकता है। एक बार जब शुल्क दिया जा चुका, तब दोबारा नोटिस क्यों दिये जा रहे हैं।
एक के बाद एक मुद्दे उठे जिसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री अनिल कुमार से आग्रह किया कि उनके नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिले। पूरी बात रखें। सभी एमडीए की मनमानी पर अंकुश संभव है।
दरअसल, जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार को सोमवार को जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक लेनी थी। तय कार्ययोजना अनुसार, इससे पहले कोर कमेटी की बैठक होती है जिसमें जनप्रतिनिधि अपने विषय रखते हैं। यहीं विषय समन्वय समिति में अफसरों के समक्ष उठते हैं और जवाबदेही तय होती है।
बुद्धि विहार स्थित भाजपा कार्यालय पर हुई बैठक में एमएलसी गोपाल अंजान ने सबसे पहले सवाल रखा। कहा कि नया मुरादाबाद में सुविधाओं के नाम पर सिर्फ स्ट्रीट लाइट है। और कोई सुविधा नहीं है। बावजूद अवैध रूप से विकास शुल्क का नोटिस भेजा जा रहा है।
एक-एक लाख रुपये से अधिक के नोटिस जारी किये जा रहे हैं। हमें ही करीब 1 लाख 20 हजार का नोटिस भेज दिया। बात की, तब 20 हजार रुपये जमा कराने पड़े। बात आगे बढ़ी। जिला पंचायत अध्यक्ष डा. शैफाली सिंह ने कहा टैक्स के साथ अधिगृहण के नाम पर मनमानी की जा रही है।
यहां तक कि न्यू शिवालिक के आस-पास क्षेत्र के गांव, जो एमडीए में आता भी नहीं। वहां यदि कोई झोपड़ी भी रख लें तो ध्वस्तीकरण का डर दिखाकर वसूली की जा रही है। बात यहीं नहीं रुकी। यहां तक कहा कि एमडीए शहर के विकास के लिए है।
पहले से जो भूमि अधिगृहीत की गईं, उन्हे विकसित नहीं किया गया और नए अधिगृहण के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। विधायक रितेश गुप्ता ने भी जिला पंचायत अध्यक्ष की इस बात पर हामी भरी।
बैठक में मौजूद कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष आकाश कुमार पाल, महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला, रालोद जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने अब तक के कार्यों की समीक्षा की मांग की। अंकुश के लिए प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि मंडल के मुख्यमंत्री से मिलकर पूरी बात रखने की सहमति बनी।
समिति की बैठक में भी घिरे थे एमडीए अफसर
7 जनवरी को विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, जिला पंचायत और नगर निगम में व्याप्त अनियमितताओं पर अंकुश लगाने/जांच के लिए गठित समिति ने सर्किट हाउस सभागार में समीक्षा बैठक की थी। तब भी एमडीए अफसर घिरे थे।
समिति सभापति को एमडीए सचिव ध्वस्तीकरण, कंपाउंडिंग, दो माह में हुए आय-व्यय, अवस्थापना के शुल्क से कराए कार्यों की जानकारी नहीं दे पाए थे। इस पर सभापति ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी थी। अगली बार बैठक में पूरी तैयारी से बात की बात कही थी। एमडीए उपाध्यक्ष के बैठक में ना पहुंचने पर भी नाराजगी जताई थी। |
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