जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया)। क्षेत्र के नवकागांव में बंदर के हमले से अनिल प्रजापति की पत्नी 60 वर्षीय लीलावती देवी की मौत हो गई। घटना रविवार की है जब वह भीगें कपड़े को सुखाने के लिए छत पर फैलाने गईं थीं। इसी दौरान बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान वह छत से नीचे गिर गईं। उनका वाराणसी के ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा था जहां सोमवार देर रात मौत हो गई।
मंगलवार को उनका शव जब वाराणसी से घर पहुंचा तो सभी लोग गमगीन हो गए। मृत महिला के स्वजन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि क्षेत्र में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ गया है, ऐसे में इनको वन विभाग के द्वारा पकड़वा कर जंगल में छोड़वाया जाए।
इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भी आक्रोश है। उनका कहना है कि नवकागांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। लोग छतों पर जाने से डर रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग व बच्चों के लिए है।
लीलावती के बेटे विपुल प्रजापति के मुताबिक रविवार को दोपहर में धूप निकलने के बाद मां छत पर कपड़े फैलाने के लिए चली गईं। छत पर अभी रेलिंग नहीं लगी है। इसी दौरान बंदरों का झुंड छत पर आ गया।
कपड़े फैलाने के दौरान ही बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। इससे पहले वह छत के फर्श पर गिर पड़ीं। इसके बाद वह उठकर नीचे की ओर भागने लगीं, इसी दौरान एक बंदर उनके शरीर पर कूद गया।
तेज धक्का लगने से वह छत से 14 फीट नीचे आंगन में गिर गईं। स्वजन के मुताबिक जब तक घर के लोग कुछ समझ पाते, सिर पर चोट लगने की वजह से लीलावती बेहोश हो गईं। तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा लेकर जाया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल बलिया रेफर कर दिया गया।
सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख वाराणसी के ट्रामा सेंटर भेज दिया। वहां उपचार के दौरान सोमवार देर रात उनकी मौत हो गई। |