संवाद सूत्र, पहाड़कट्टा (किशनगंज)। सरकार ने अपात्र राशन कार्ड धारकों पर कार्रवाई तेज कर दी है। पोठिया प्रखंड में पहले चरण में ग्यारह सौ से अधिक लाभार्थियों को नोटिस भेजा गया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत की जा रही है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है जो पात्रता की श्रेणी में नहीं आते हुए भी सरकारी अनाज ले रहे हैं। पत्र के अनुसार अपात्र लाभार्थियों को नोटिस की तामिला कर रिपोर्ट उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि जिन लाभार्थियों की वार्षिक आय एक लाख बीस हजार रुपये से अधिक है, जो आयकर देते हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है, जो व्यवसायिक कर देते हैं या जिनके नाम उद्योग अथवा कंपनी में निदेशक के रूप में दर्ज हैं, वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र नहीं हैं। ऐसे परिवारों का राशन कार्ड रद कर वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पोठिया के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अविनाश भारती ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बिहार सरकार को एक संदिग्ध डाटा भेजा था। इस डाटा में पोठिया प्रखंड के लगभग सत्रह हजार लाभार्थियों का विवरण था। डाटा को चार श्रेणियों में बांटा गया। पहली श्रेणी में जीएसटी भरने वाले, दूसरी में आयकर भरने वाले, तीसरी में चार पहिया वाहन मालिक और चौथी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि जीएसटी भरने वाले लाभ ले सकते हैं, लेकिन आयकर देने वाले और चार पहिया वाहन रखने वाले लाभार्थियों को नोटिस भेजी जा रही है। पहले चरण में ऐसे लगभग ग्यारह सौ अपात्र कार्डधारकों को नोटिस जारी की जा चुकी है। इनका नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
एमओ अविनाश भारती ने बताया कि जिनके पास पांच कट्ठा जमीन है वें किसान सम्मान का लाभ ले रहे हैं। वे इस योजना के दायरे में आते हैं। इसलिए जिनके पास अधिक जमीन है, उनकी गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होते ही ऐसे लाभार्थियों को भी नोटिस भेजी जाएगी और राशन कार्ड से नाम हटाया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के बाद निर्धारित समय में जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लाभार्थियों से पूर्व में लिए गए अनाज की वसूली भी की जा सकती है। प्रशासन की इस कार्रवाई से प्रखंड में हड़कंप है। अपात्र लाभार्थियों में नाम कटने की आशंका से बेचैनी बढ़ गई है। |
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