ओडिशा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
संवाद सहयोगी, कटक। राज्य में बांग्लादेशी अप्रवासियों की संख्या और उनके विरुद्ध उठाए गए कदमों को लेकर उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चिंता जताई। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़े हाईकोर्ट को संतोषजनक नहीं लगे। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गृह सचिव को निर्देश दिया कि दो सप्ताह के भीतर बांग्लादेशी अप्रवासियों की पूरी और सटीक जानकारी हाईकोर्ट को प्रस्तुत की जाए।
जानकारी के अनुसार, राज्य में कितने लोग बांग्लादेश से आए और कितनों को अप्रवासी के रूप में पहचाना गया है, इसका विवरण सरकार ने पहले पेश किया था। लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे असंतोषजनक मानते हुए और अधिक स्पष्ट और विस्तृत आंकड़े पेश करने का आदेश दिया।
राज्य सरकार ने अप्रवासी रोकने के लिए पिछले वर्ष जून में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) का गठन किया था। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य अवैध रूप से राज्य में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
हालांकि, पूर्व सरकार के समय पहचाने गए बांग्लादेशियों की संख्या और वर्तमान में दर्ज की गई संख्या में बड़े अंतर पाए गए हैं। इसी को लेकर आवेदक ने अदालत में आपत्ति जताई। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आगामी सुनवाई तक राज्य गृह विभाग को सभी विशेष आंकड़े प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम राज्य में अवैध अप्रवास पर नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, हाईकोर्ट की सख्ती से यह संकेत भी मिलता है कि सरकार से पूरी पारदर्शिता की उम्मीद की जा रही है। |
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