घरों के ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज तारें, हटाने की मांग।
जागरण संवाददाता, संगरूर। भवानीगढ़ के नजदीकी गांव फग्गुवाला में घरों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार हाईवोल्टेज बिजली तारें गांववासियों के लिए गंभीर परेशानी व खतरे का कारण बनी हुई हैं।
लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे मकान मालिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार पावरकाम विभाग के अधिकारियों से इन तारों को घरों के ऊपर से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है, लेकिन अब तक उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे गांव में रोष बढ़ता जा रहा है। मकान मालिकों ने एसडीओ के नाम मांग पत्र भी सौंपा।
गांव के मकान मालिक बलविंदर सिंह, हरदेव सिंह, राम पाल सिंह और राज कुमार ने बताया कि हाईवोल्टेज तारों के ठीक नीचे रहना उनके परिवारों के लिए हर दिन डर और तनाव का कारण बन गया है।
उन्होंने कहा कि इन तारों की वजह से वह अपने घरों की छत पर भी नहीं चढ़ सकते। बच्चों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वह छत पर न जाएं, क्योंकि जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। परिवार के बुजुर्ग और महिलाएं भी हर समय इस चिंता में रहते हैं कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए।
इन दिनों बसंत पंचमी का पर्व नजदीक आ रहा है, जब बच्चे आमतौर पर छतों पर चढ़कर पतंग उड़ाते हैं। ऐसे में हाईवोल्टेज तारों की मौजूदगी खतरे को और बढ़ा देती है। मकान मालिकों का कहना है कि पतंग की डोर तारों में उलझने से करंट लगने या अन्य गंभीर हादसे का डर बना रहता है। इसी कारण वह बच्चों की इच्छाओं पर रोक लगाने को मजबूर हैं, जिससे परिवारों में मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।
मकान मालिकों ने बताया कि बिजली तारों के कारण वह अपने घरों का विस्तार या मरम्मत तक नहीं कर पा रहे हैं। कोई भी निर्माण कार्य करते समय ये तारें बड़ी रुकावट बन जाती हैं। कई परिवार अपने घरों में अतिरिक्त कमरे या ऊपर मंजिल बनाना चाहते हैं, लेकिन हाईवोल्टेज लाइन की वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा है। इससे उनकी संपत्ति के उपयोग और विकास पर सीधा असर पड़ रहा है।
उन्होंने पावरकाम विभाग से मांग की है कि इन हाईवोल्टेज तारों को मकानों से हटाकर पास ही स्थित खेतों या किसी अन्य सुरक्षित स्थान से होकर गुजारा जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल मकान मालिकों को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका भी खत्म हो जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तारों को शिफ्ट करने में आने वाले खर्च का भुगतान करने के लिए वे खुद तैयार हैं, ताकि विभाग पर आर्थिक बोझ न पड़े। मकान मालिकों ने पावरकाम विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह मजबूर होकर कड़ा कदम उठाने के लिए विवश होंगे। उन्होंने प्रशासन व संबंधित विभाग से अपील की कि मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि गांववासियों को सुरक्षित और भयमुक्त जीवन मिल सके। |