घटना की सूचना पाकर पीड़ित परिवार के घर पर जुटे लोग।
जागरण संवाददाता, नावाडीह (बोकारो)। नावाडीह प्रखंड के बिरनी स्थित कुम्हार टोला में बुधवार रात उपले जलाकर बंद कमरे में सो रहे पति-पत्नी में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। पत्नी का इलाज चास स्थित मुस्कान अस्पताल में चल रहा है। वहीं दंपती का दो वर्षीय पुत्र अपनी दादी के साथ सोने के कारण सुरक्षित है और घटना से अनभिज्ञ है। घटना के बाद स्वजनों के चित्कार से पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिरनी कुम्हार टोला निवासी सेवाचंद पंडित के बड़े पुत्र सुभाष पंडित उर्फ बबलू (28) बुधवार रात करीब दस बजे परिवार के साथ भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। सुभाष अपने दो वर्षीय पुत्र को अपनी मां कौशल्या देवी के पास छोड़कर पत्नी उर्मिला देवी के साथ अपने कमरे में सोने चला गया। कमरे में खिड़की नहीं होने के बावजूद उन्होंने ठंड से बचने के लिए उपले जलाए और सो गए, जिससे कमरे में जहरीली गैस भर गई। इसके कारण कमरे में सो रहे दोनों पति-पत्नी मूर्छित हो गए।
गुरुवार की अहले सुबह जब सुभाष का पुत्र रोने लगा तो उसकी दादी ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर अनहोनी की आशंका में स्वजनों ने जोर-जोर से दरवाजा पटकना शुरू किया, जिससे कुंडी खुल गई। कमरे में प्रवेश करने पर दोनों पति-पत्नी बेहोशी की हालत में पड़े मिले।
आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए स्वास्तिक अस्पताल, दुग्दा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुभाष को मृत घोषित कर दिया। वहीं पत्नी उर्मिला देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल रेफर किया गया। बाद में बोकारो जनरल अस्पताल से उसे चास स्थित मुस्कान अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है, लेकिन उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर बिरनी मुखिया देवेंद्र महतो, भाजपा नेता फुलचंद किस्कु, जेएलकेएम नेता रवि रजक, प्रीतम साव, दीपक कुमार, रवि ठाकुर, दिनेश रजवार सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाया। |