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आरएलएम के तीन विधायकों की इसी तस्वीर ने बढाई थी हलचल।
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Politics: एनडीए के सहयोगी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में अंदरूनी असंतोष एक बार फिर सुर्खियों में है।
पार्टी के तीन विधायक, रामेश्वर महतो, आलोक सिंह और माधव आनंद लंबे समय से नाराज बताए जा रहे हैं। इन विधायकों ने अलग-अलग मौकों पर सार्वजनिक रूप से भी अपनी नाराजगी जाहिर की है, जिससे RLM में टूट की अटकलें तेज होती रही हैं।
हालांकि हाल के दिनों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे विधायक माधव आनंदने पार्टी में किसी भी तरह की टूट से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि उनके रहते पार्टी टूट नहीं सकती।
बावजूद इसके, अंदरखाने असहमति खत्म हुई है या नहीं, इस पर सवाल बने हुए हैं। दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री बनाए जाने को लेकर इन तीनों विधायकों ने खुलकर असहमति जताई थी। यही असंतोष आगे चलकर सियासी चर्चाओं की वजह बना।
इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक विधायक के बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल और बढ़ा दी है। जदयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने RLM के नाराज विधायकों को लेकर खुला ऑफर दे दिया है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के ये विधायक जदयू में आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इसमें किसी तरह की जबरदस्ती नहीं है, लेकिन जो आएगा, उसे सम्मान के साथ स्वीकार किया जाएगा।
भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि तीनों विधायक खुद को बागी बताते हैं, हालांकि उपेंद्र कुशवाहा उन्हें बागी नहीं मानते। उन्होंने यह भी कहा कि ये सभी पुराने परिचित हैं और उनसे बातचीत होती रहती है।
व्यक्तिगत रूप से वे उनके संपर्क में हैं। उनका कहना था कि राजनीति में रिश्ते और संवाद चलते रहते हैं। अगर कोई व्यक्ति साथ आना चाहता है तो उसे लात मारकर भगाया नहीं जा सकता। |
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