डॉ भीमराव आंबेडकर यूनिर्वसिटी आगरा।
जागरण संवाददाता, आगरा। डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध् काॅलेजों में स्नातक और परास्नातक विषम सेमेस्टर के प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज करने की गुरुवार को अंतिम तिथि थी। 100 से अधिक काॅलेजों ने प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज नहीं किए हैं। इन काॅलेजों में 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज ना होने से जिन पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन पूरा हो गया है, उनका परिणाम भी घोषित नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित स्नातक स्तर के बीए, बीएससी, बीकाम प्रथम, तृतीय और पंचम एवं परास्नातक स्तर के एमए, एमएससी, एमकाॅम प्रथम, तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा 22 दिसंबर को समाप्त हो गईं थीं।
स्नातक और परास्नातक की परीक्षा लिखित प्रारूप पर कराई गई थी, परीक्षा के बीच में 15 दिसंबर से विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर और संस्कृति भवन के छह केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू करा दिया गया था। स्नातक और परास्नातक विषम सेमेस्टर के दाे लाख छात्रों की 12 लाख उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन होना है।
मेजर विषयों का 80 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है लेकिन माइनर विषयों का मूल्यांकन 40 प्रतिशत ही हुआ है। जिन पाठ्यक्रमों में मेजर विषय ही हैं उनका परिणाम घोषित हो सकता है। मगर, काॅलेजों ने प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं कराई है। प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया गया था।
काॅलेजों ने परीक्षा नहीं कराई, ऐसे में पहले प्रयोगात्मक परीक्षा की तिथि बढ़ाकर 10 जनवरी, इसके बाद भी अंक दर्ज ना करने पर अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जनवरी कर दी गई है। इसके बाद भी काॅलेजों ने प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज नहीं किए हैं। काॅलेजों ने परीक्षा कराने के लिए शिक्षकों को नहीं बुलाया, मौखिक परीक्षा के अंक भी ऑनलाइन दर्ज नहीं किए गए हैं।
परीक्षा नियंत्रक डाॅ. ओम प्रकाश ने बताया कि कालेजों को प्रयोगात्मक अंक दर्ज करने के लिए दो बार मौका दिया जा चुका है, जिन काॅलेजों ने प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दर्ज नहीं किए हैं उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। |