17 जवानों पर डेढ़ लाख से अधिक वाहनों के कंट्रोल की जिम्मेदारी। फोटो जागरण
संवाद सहयोगी, बांका। जिले में यातायात व्यवस्था पुलिस बल की भारी कमी के कारण परेशानी में है। यातायात पुलिस जवान व अधिकारियों के कुल 160 से अधिक पद सृजित हैं, लेकिन हकीकत यह है कि डेढ़ लाख से अधिक छोटे-बड़े वाहनों को नियंत्रित करने के लिए महज 17 यातायात जवान ही तैनात हैं। इस असंतुलन का सीधा असर सड़क व्यवस्था पर पड़ रहा है और जिले के कई हिस्सों में रोजाना जाम की स्थिति बन रही है।
जानकारी के अनुसार जिला के अमरपुर, बौंसी, रजौन, बेलहर प्रखंड के साहेबगंज, बाराहाट के अलावा शहर के डोकानिया मार्केट, शिवाजी चौक जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। यातायात जवानों की सीमित संख्या के कारण कई जगहों पर एक भी पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं हो पाती, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जहां 160 पदों पर यातायात कर्मियों की तैनाती होनी चाहिए, वहां मात्र 17 जवान काम कर रहे हैं। जबकि जिले की सड़कों पर रोजाना हजारों वाहन फर्राटा भर रहे हैं। बीते एक वर्ष में परिवहन विभाग द्वारा 4147 ई-रिक्शा का निबंधन किया गया है। वहीं करीब एक साल में 10 हजार 235 दोपहिया वाहनों का निबंधन हुआ है। अब तक जिले में कुल मिलाकर लगभग डेढ़ लाख पहिया वाहनों का निबंधन दर्ज किया जा चुका है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो एक वर्ष में कार का निबंधन 249, टैक्सी का छह तथा ट्रक का 17 हुआ है। वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुपात में यातायात व्यवस्था को संभालने वाले संसाधन नहीं बढ़ पाए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता दामोदर रावत ने सरकार से पुलिस बलों की मांग की है।
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