जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा टू में लोगों के बीमार होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग की जांच में एक ही घर में चार छात्र बीमार मिले। सेक्टरवासियों ने पानी में खतरनाक बैक्टीरिया होने का दावा करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है।
स्वास्थ्य विभाग की पिछले सप्ताह आठ जनवरी को की गई जांच में 40 व नौ जनवरी को 70 लोग बीमार मिले थे। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच ठंडे बस्ते में डाल दी थी। सेक्टर के लोग लगातार दूषित पानी की आपूर्ति
के साथ लोगों के बीमार होने की शिकायत प्राधिकरण के अधिकारियाें से कर रहे थे। जिसके बाद बृहस्पतिवार को प्राधिकरण की टीम सेक्टर में सर्वे करने पहुंची। करीब 26 घरों के सर्वे में कई घरों में लोग बीमारी से त्रस्त मिले।
सेक्टर अल्फा दो के आइ ब्लाक के मकान संख्या 246 में किराये पर रह रहे चार छात्र प्रांजल त्रिपाठी, पीयूष त्रिपाठी, अभिनव त्रिपाठी व हरिओम प्रजाति बीमार मिले। चारों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेज बुखार व पेट दर्द की समस्या बताई। छात्रों ने बताया कि वह प्राधिकरण से पाइपलाइन के जरिए आने वाली सप्लाई के पानी का ही पीने के साथ अन्य दैनिक कार्यों में उपयोग करते हैं।
निवासी बोले दूषित पानी का मर्ज बरकरार
सेक्टरवासियों ने पानी में खतरनाक बैक्टीरिया होने का दावा करते हुए व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी प्राधिकरण के अधिकारियों को दी है। साथ ही जांच रिपोर्ट आने पर उसे सार्वजनिक करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सेक्टर में दूषित पानी का मर्ज बरकरार है और प्राधिकरण के अधिकारियों ने आल इज वेल बोलकर शांत बैठ गए हैं।
सेक्टरवासियों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पांच में से सिर्फ एक सैंपल में ही बैक्टीरिया की पुष्टि को संदेहास्पद बताया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए सेक्टरवासियों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े सिर्फ एक ही सैंपल में खतरनाक बैक्टीरिया मिला तो क्या लोग हवा पीकर बीमार हो रहे हैं?
लोगों का आरोप है कि अभी भी घरों में दूषित व बदबूदार पानी की सप्लाई आने का आरोप लगाया। निवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ एक सैंपल में खतरनाक बैक्टीरिया होने का हवाला दे रही है जबकि सेक्टर में लगातार लोग बुखार, पेट दर्द, उलटी दस्त आदि समस्याओं से त्रस्त है।
पानी की रिपोर्ट में देरी, प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप
स्थिति बिगड़ने के बाद प्राधिकरण ने सेक्टर अल्फा दो में पांच घरों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए गाजियाबाद भेजे थे, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। जल विभाग के अधिकारी बीमारी को सिर्फ पानी से जोड़ने से इंकार कर रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के अधिकारी व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि जांच रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई तो धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
26 घरों का सर्वें किया गया। जिसमें एक घर में दस्त व उल्टी के साथ एक घर में तीन लोग बुखार से पीड़ित मिले। कई अन्य घरों में भी लोगों ने बीमार होने की जानकारी दी। शुक्रवार को सेक्टर में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच के साथ दवाई वितरित की जाएगी।
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-डॉक्टर नारायण किशोर, सीएचसी अधीक्षक डाढ़ा |
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