search

Jharkhand Budget 2026-27: इस बार कुछ ऐसा होगा अबुआ दिशोम बजट, राज्य सरकार के मंत्रियों ने रखी बात

deltin33 2026-1-16 06:25:55 views 924
  



बजट पूर्व गोष्ठी के दौरान विभागों की ओर से प्रतिनिधियों ने बताई जरूरतें तो विशेषज्ञों ने रखे विचार
शुक्रवार को भी चलेगा कार्यक्रम, पहले दिन चार मंत्रियों और आधा दर्जन विभागों की रही मौजूदगी


राज्य ब्यूरो, रांचीAbua Dishom Budget 2026-27 वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय बजट पूर्व संगोष्ठी के दौरान चार मंत्रियों और आधा दर्जन विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे।

बैठक में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन के साथ-साथ आधा दर्जन विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

इस दौरान कृषि और सिंचाई, वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास और आजीविका, नगर विकास और आवास, पथ निर्माण, उद्योग, खनन, पर्यटन तथा श्रम और कौशल विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।  
मजबूत और जनहित का बजट होगा

सगोष्ठी के दौरान वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा।

राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रविधान किए जाने चाहिए।

गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले। शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा।  
नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है।

इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।  
सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रविधान हो।
बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष में नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा।  
मध्यम और व्यावहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यावहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।
सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।
हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीख पी., पर्यटन सचिव मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलाजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है। गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477572