रायपुरकलां स्थित गोशाला में गायों समेत 50 से अधिक गोवंश की मौत से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। रायपुरकलां स्थित गोशाला में गायों समेत 50 से अधिक गोवंश की मौत की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गायें लगातार प्लास्टिक और कचरा खा रही थीं। लंबे समय से बीमार थीं। सांस की नली गंभीर रूप से प्रभावित थी, जिसके कारण दम घुटने से उनकी मृत्यु हुई।
वीरवार को जांच कमेटी के नेतृत्व में गायों का पोस्टमार्टम किया गया। प्रारंभिक जांच में उनके पेट में पाॅलिथीन और कचरा मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, गायों का पाचन तंत्र खराब हो चुका था और अब वे जो भी खा रही थीं, उसका पाचन ठीक से नहीं हो रहा था।
पोस्टमार्टम के बाद गायों का एक सैंपल जांच के लिए सेक्टर-36 की सीएफएसएल प्रयोगशाला में भेजा गया है, जहां उनकी टाॅक्सिकोलाॅजी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट सोमवार को आएगी, जिससे यह पता चलेगा कि गायों को कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं दिया गया, जिससे उनकी मृत्यु हुई।
इसके अलावा, बढ़ती ठंड को भी गायों की मौत का एक कारण माना जा रहा है। गायों की मौत के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, और अतिरिक्त उपायुक्त की टीम इसकी जांच कर रही है। डीसी भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। |