दो किलोमीटर के दायरे में मांस-अंडे की बिक्री पर रोक
जागरण संवाददाता, उधमपुर। महाशिवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक धार्मिक तीर्थ स्थल रनसू शिवखोड़ी में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड व स्थानीय प्रशासन ने अभी से ठोस तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है, जबकि 14 से 16 फरवरी तक तीन दिवसीय महाशिवरात्रि मेला आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय शिवरात्रि मेले के दौरान रनसू- शिवखोड़ी क्षेत्र में धार्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए दो किलोमीटर के दायरे में मांस व अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
डीडीसी सदस्य रनसू केवल कृष्ण शर्मा ने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त रियासी से चर्चा की गई है, जिसके बाद मेले के दौरान प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हर साल शिवरात्रि मेले के दौरान पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लागू किया जाता है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार या सेवन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेले के मद्देनजर यात्रा मार्ग व रनसू बाजार में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बोर्ड प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सफाई कर्मियों को तैनात कर यात्रा मार्ग की नियमित सफाई शुरू कर दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड के प्रबंधक ने बताया कि रनसू बाजार की नालियों को कचरा मुक्त रखने के लिए प्रतिदिन सफाई करवाई जा रही है। पंचायत फंड से वेतन पाने वाले सफाईकर्मी नियमित रूप से बाजार की सफाई कर रहे हैं। इसके अलावा जगह-जगह कूड़ेदान लगाए गए हैं, ताकि दुकानदार व स्थानीय लोग कचरा खुले में न फेंकें।
उन्होंने बताया कि रनसू बाजार में पंचायत के सफाई कर्मचारी जबकि यात्रा मार्ग पर श्राइन बोर्ड के सफाई कर्मी सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। मौजूदा समय में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवखोड़ी पहुंच रहे हैं, जिसको देखते हुए सफाई कर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
बिना अनुमति लंगर लगाने की इजाजत नहीं
महाशिवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा लंगर लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार बिना अनुमति किसी भी संस्था को लंगर लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
श्राइन बोर्ड प्रबंधक तरसेम लाल शर्मा ने बताया कि जो संस्थाएं लंगर लगाना चाहती हैं, उन्हें मेले से कम से कम पांच दिन पहले प्रशासन को पूरी जानकारी देनी होगी। लंगर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
गौरतलब है कि शिवरात्रि मेले के दौरान रनसू बाजार से लेकर गुफा तक करीब 20 से 25 संस्थाएं लंगर लगाती हैं, जहां दर्शन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। प्रशासन ने सभी लंगर संचालकों को स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। |
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