Bhishma Ashtami 2026 Daan benefits
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है, जो इस बार सोमवार, 26 जनवरी को मनाई जाएगी। महाभारत ग्रंथ में इस बात का वर्णन मिलता है कि शर शैया यानी तीरों की शैया पर रहने के बाद भी भीष्म पितामह ने प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण की प्रतीक्षा की और माघ शुक्ल अष्टमी पर अपने प्राण त्यागे। इस दिन पर कुछ चीजों का दान (Bhishma Ashtami Daan) करना बहुत ही शुभ माना जाता है। चलिए जानते हैं इस बारे में।
महाभारत में मिलता है वर्णन
शुक्लाष्टम्यां तु माघस्य दद्याद् भीष्माय यो जलम्।
संवत्सरकृतं पापं तत्क्षणादेव नश्यति।
महाभारत से लिए गए इस श्लोक का अर्थ है कि जो मनुष्य माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर भीष्म के निमित्त तर्पण, जलदान आदि करता है, उसके वर्षभर के पाप नष्ट हो जाते हैं।
जरूर करें इन चीजों का दान (Bhishma Ashtami Daan)
भीष्म अष्टमी पर आप गरीबों व जरूरमंदों के बीच अपनी क्षमता के अमुसार, तिल (काले और सफेद), उबले चावल, अन्न, गुड़, और जल आदि का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से साधक को पितरों का आशीर्वाद मिलता है और सभी पापों का नाश होता है। साथ ही भीष्म अष्टमी पर इन चीजों का दान करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही शुभ फलों की प्राप्ति के लिए आप इस दिन पर ब्राह्मणों को भोजन भी करवा सकते हैं।
करें सफेद चीजों का दान
पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए भीष्म अष्टमी के दिन सफेद रंग की चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इस दिन पर दूध, दही और सफेद रंग के वस्त्रों का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जातक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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जरूर करें ये काम
भीष्म अष्टमी के दिन गाय को हरा चारा और हरी सब्जियां खिलाना भी काफी शुभ माना गया है। इससे मानसिक तनाव दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। साथ ही इस दिन पर जातक भीष्म तर्पण अर्थात भीष्म पितामह के निमित्त जल अर्पण करते हैं, जिसके लिए तिल, कुश और जल का उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि इससे जातक को पापों से मुक्ति और वंश वृद्धि का आशीर्वाद भी मिलता है।
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