कपूर के वास्तु उपाय (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर सिर्फ ईंट-पत्थर की दीवारें नहीं होता, बल्कि वहां मौजूद ऊर्जा (Energy) हमारे स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों पर गहरा असर डालती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कभी-कभी घर में बिना किसी ठोस कारण के तनाव, भारीपन या कलह रहने लगती है। इसका मुख्य कारण घर में जमा \“नकारात्मक ऊर्जा\“ हो सकती है। इसे दूर करने के लिए कपूर और महादेव का एक सरल मंत्र अचूक उपाय माना जाता है।
कपूर का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व
वास्तु में कपूर को शुद्धता और सकारात्मकता का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। इसकी खुशबू न केवल मन को शांत करती है, बल्कि वातावरण में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं और नकारात्मक तरंगों को भी नष्ट करती है।
उपयोग करने का सही तरीका:
प्रतिदिन आरती: सुबह और शाम पूजा के समय कपूर जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। इससे घर का \“ऑरा\“ (Aura) साफ होता है।
मुख्य द्वार पर प्रयोग: घर के मुख्य दरवाजे पर कपूर का धुआं दिखाने से बाहर की बुरी नजर और नकारात्मकता घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाती।
बेडरूम की शुद्धि: अगर सोते समय बुरे सपने आते हों, तो सोने से पहले कमरे में कपूर जलाएं। इससे मानसिक शांति मिलती है और नींद अच्छी आती है।
शिव मंत्र की असीम शक्ति
(Image Source: AI-Generated)
भगवान शिव को \“नकारात्मकता का संहारक\“ माना जाता है। कपूर जलाते समय अगर “ॐ नमः शिवाय“ का जाप किया जाए, तो इसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। इस मंत्र की ध्वनि से निकलने वाले कंपन (Vibrations) घर के कोने-कोने से डर, दरिद्रता और उदासी को बाहर निकाल देते हैं।
घर की सुख-शांति के लिए छोटे बदलाव
सफाई का ध्यान: घर में टूटा हुआ कांच या बंद घड़ियां न रखें, ये तरक्की रोकती हैं।
धूप और हवा: सुबह के समय घर की खिड़कियां खुली रखें ताकि ताजी हवा और सूरज की रोशनी के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।
यह भी पढ़ें- तुलसी का पौधा सूख गया है? तो भूलकर भी न करें ये गलती, जानें विसर्जन के सही नियम और विधि
यह भी पढ़ें- Wedding Card Vastu: शादी के कार्ड में भूलकर भी न करें ये गलती, वैवाहिक जीवन में आ सकती हैं बाधाएं
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है। |
|