जासं, आगरा। लद्दाख में फंसे चारों दोस्त गुरुवार रात सुरक्षित अपने घर पहुंच गए। उन्हें देखकर घर में खुशी का माहौल था। गले लगकर परिवार के लोगों ने हाल-चाल पूछा। युवकों ने आपबीती सुनाई तो स्वजन के रोंगटे खड़े हो गए। उस मंजर को याद करते हुए रुंधे हुए गले से युवकों ने बताया पीने का पानी खत्म होने पर बर्फ को कार के हीटर और साथ ले गए चूल्हे से पिघलाकर पानी पीया। बिस्कुट और चिप्स खाकर भूख मिटाई।
बर्फीली पहाड़ियों के लिए वह मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन वहां कोई उनकी पुकार सुनने वाला नहीं था। हिम्मत नहीं हारी और सुरक्षित स्थान की तलाश में 15 से 20 किलोमीटर तक पैदल चले। भारतीय सेना और पुलिस की रेस्क्यू टीम को देखकर जान में जान आई।
मधुनगर के नरोत्तम कुंज निवासी प्रापर्टी डीलर शिवम चौधरी अपने ममेरे भाई जयवीर सिंह निवासी डायमंड सिटी रोहता व दोस्त यश मित्तल निवासी मधुनगर, सुधांशु फौजदार निवासी देवरी रोड के साथ छह जनवरी को कार से लद्दाख घूमने गए थे। नौ फरवरी को सभी पैंगोग झील पर थे। शिवम वीडियो काल पर स्वजन से बात कर रहे थे तभी अचानक कनेक्शन कट गया था।
युवकों से संपर्क न होने पर स्वजन ने 11 जनवरी को सदर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सदर पुलिस और स्वजन से जानकारी मिलने के बाद लद्दाख पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर मंगलवार को चारों युवकों को पांग सरचू रोड पर विस्की नाला से सुरक्षित रेस्क्यू किया था। चारों युवक अपने स्वजन के साथ गुरुवार 8:30 बजे अपने घर पहुंचे।
घर में मौजूद स्वजन घर की चौखट पर टकटकी लगाए उनके आने का इंतजार कर रहे थे। युवकों के घर पहुंचे ही घर में छाया सन्नाटा टूट गया और खुशी का माहौल छा गया।
उन पलों को याद करके घबरा जाते युवक
युवक घर पहुंचे तो रिश्तेदार व दोस्त भी उनसे मिलने के लिए पहुंचे और हालचाल जाना। उन पलों को याद कर युवक एक पल के लिए घबरा गए। उन्होंने पूरी कहानी बताई। शिवम अपने साथियों के साथ नौ फरवरी को लेह के लिए निकले थे। बर्फ से ढके पहाड़ों को देखकर वह उत्साहित थे। फोटो खींचे और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए।
स्वजन को वीडियो काल करके सुंदर नजारों को दिखाया। चारों दोस्त कार से नौ फरवरी को लेह के लिए निकले। 10 जनवरी को पंग में रुकने के बाद 11 जनवरी को मनाली के लिए निकले। अनजान जगह पर वह चले जा रहे थे, रास्ते आगे बंद था। वापस लौट ही रहे थे कि कार बर्फ के कारण फिसलकर 20 फीट नीचे चली गई थी।
दो दिन उन्होंने कार में ही हीटर चलाकर काटे। कार का डीजल खत्म हुआ तो 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर विस्की पहुंचे। यहीं पर वह लद्दाख पुलिस और सेना की रेस्क्यू टीम को मिले। |
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