जागरण टीम, बाराबंकी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के साथ टोल कर्मियों ने बर्बरता पूर्वक पिटाई की थी, जिसके विरोध में जिले का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। न्याय की मांग को लेकर लखनऊ समेत आसपास के जिलों से पहुंचे सैकड़ों अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया। वहीं, लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे स्थित बारा टोल प्लाजा पर वकीलों और पुलिस के बीच कई बार आमना-सामना हुआ। 36 घंटे से जारी इस आंदोलन के दौरान हाईवे जाम, तोड़फोड़ और तीखी नोंकझोंक की घटनाएं सामने आती रहीं, जिससे प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
शुक्रवार को लखनऊ के अधिवक्ता देवकी नंदन पांडेय और अनिल मिश्रा सहित तमाम अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय घेर लिया। एसपी अर्पित विजय वर्गीय अपने कक्ष से बाहर निकले। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वह उनके साथ हैं, टोल मैनेजर और कर्मचारियों पर हत्या के प्रयास की धारा में कार्रवाई होगी। वकीलों की मांग थी कि गैंगस्टर के साथ एनएसए की कार्रवाई की जाए, एसपी ने आश्वासन दिया है। इसके बाद यहां का प्रदर्शन समाप्त हो गया।
चटकाईं लाठियां, नहीं हिले अधिवक्ता
हैदरगढ़ ग्रामीण : लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे के बारा टोल पर 36 घंटे से उग्र प्रदर्शन वकीलों का चल रहा है। उत्तम तिवारी, आनंद त्रिपाठी, अरुण खरे, राहुल सिंह, कंचन मिश्रा, रवि, शशि सहित तमाम अधिवक्ता गुरुवार की दोपहर 12 बजे से टोल पर डटे हैं। उनकी मांग है कि अधिवक्ता की पिटाई के दौरान पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। कोतवाल हैदरगढ़ को निलंबित किया जाए, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। कई बार नारे बाजी, हाईवे जाम और टोल पर तोड़फोड़ हुई। पुलिस और अधिवक्ता आमने-सामने दिखे। तैनात पीएसी ने लाठियां चटकाईं, लेकिन वकील डटे रहे। अपर पुलिस अधीक्षक रितेश सिंह, वीसी त्रिपाठी, एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा, सीओ समीर सिंह के साथ ही पीएसी, लोनीकटरा, हैदरगढ़, सुबेहा, कोठी की पुलिस मोर्चा संभाले रहे।
मुफ्त में निकले 45 हजार वाहन
हैदरगढ़ ग्रामीण : लखनऊ-सुलतानपुर मार्ग पर बारा टोल प्लाजा से प्रतिदिन 15 से 16 हजार वाहनों का आवागमन होता है। गुरुवार दोपहर शुरू हुए अधिवक्ताओं का प्रदर्शन जारी है। गुरुवार और शुक्रवार सहित दो रातों में करीब 45 हजार से अधिक वाहन मुफ्त में निकले।
यह था पूरा मामला
प्रतापगढ़ के हथिगवां परनुपुर निवासी रत्नेश शुक्ला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ता है। वह 14 जनवरी को तीन अन्य वकीलों के साथ कार से लखनऊ हाई कोर्ट जा रह थे। हैदरगढ़ में बारा टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर टोल कर्मियों ने सड़क पर दौड़ा कर पीटा, जिससे वह बेहोश हो गए थे। टोल कर्मियों पर अंगूठी, सोने की चेन व पर्स छीन लिया था। 10 दिन पहले भी उनसे यहां अभद्रता हुई थी।
इन्हें भेजा गया जेल
वकीलों ने कोतवाली का घेराव कर टोल मैनेजर जगभान, गोतौना निवासी लवलेश, रवि तोमर, विश्वजीत, गोलू कुमार सहित 10 अन्य टोल कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराया था। नामजद सभी गिरफ्तार है, जिन्हें जेल भेजा जा गया है। सीओ समीर सिंह ने बताया कि अज्ञात 10 लोगों की पहचान सीसी कैमरा से की जा रही है, जल्द ही सभी पकड़े जाएंगे। |