क्यों जरूरी होता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस? बाइक-कार के खर्च से फायदे, जेल और जुर्माने तक, जान लें एक-एक नियम
नई दिल्ली| क्या आपकी गाड़ी भी बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के दौड़ रही है? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक पल की लापरवाही या सामने वाले की गलती से हुआ एक्सीडेंट आपको लाखों के कानूनी झमेले (third party insurance penalty India) में डाल सकता है। हैरानी की बात यह है कि भारत में 50% से ज्यादा वाहन मालिकों के पास थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस (50 percent vehicles without insurance) ही नहीं है। जबकि यह कानूनन अनिवार्य है और सालाना खर्च कई बार 3,500 रुपए से भी कम आता है।
हर साल 11 से 17 जनवरी तक मनाया जाने वाला रोड सेफ्टी वीक (Road Safety Week) यही याद दिलाता है कि सुरक्षित ड्राइविंग के साथ-साथ कानूनी तैयारी भी उतनी ही जरूरी है। मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस अनिवार्य है, ताकि सड़क हादसों में निर्दोष पीड़ितों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
आधे से ज्यादा वाहनों का बीमा क्यों नहीं? (Why are more than half the vehicles not insured?)
9 जनवरी 2026 को जारी इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) के पत्र के मुताबिक, देश में 50% से अधिक वाहन मालिकों के पास थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह जागरूकता की कमी है। इंश्योरेंस इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट बताते हैं कि, “सड़क हादसों में कई बार निर्दोष लोग प्रभावित होते हैं। इसी वजह से पब्लिक वेलफेयर को ध्यान में रखते हुए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य किया गया है।“
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में क्या कवर होता है? (What is covered in third party insurance?)
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का मकसद दूसरों को हुए नुकसान की भरपाई करना है। इसमें शामिल हैं:
- किसी अन्य व्यक्ति की चोट या मौत
- सामने वाले की गाड़ी या सार्वजनिक संपत्ति को हुआ नुकसान
लेकिन इसमें आपकी अपनी गाड़ी का नुकसान, चोरी या मेडिकल खर्च कवर नहीं होता। एक्सपर्ट बताते हैं कि यह पॉलिसी तीसरे पक्ष को हुए नुकसान की कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी कवर करती है, लेकिन आपकी अपनी कार या बाइक इससे पूरी तरह बाहर रहती है।
यह भी पढ़ें- Insurance complaints : इरडा ने बीमा क्षेत्र में गलत बिक्री को गंभीर चिंता का विषय बताया, कंपनियों को दी ये सलाह
बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के पकड़े गए तो? (What if you get caught without third party insurance?)
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिना वैध थर्ड पार्टी बीमा के वाहन चलाने पर ₹2,000 का शुरुआती जुर्माना, दोबारा गलती पर ज्यादा, जेल तक की सजा, ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द और एक्सीडेंट की स्थिति में जेब से लाखों करोड़ों का मुआवजा देना पड़ सकता है।
कितना आता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का खर्च? (What is the cost of third party insurance?)
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि थर्ड पार्टी प्रीमियम सरकार तय करती है। जो कार (third party car insurance premium) और बाइक (third party bike insurance premium) के हिसाब से अलग-अलग होता है।
टू-व्हीलर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (सालाना)
| इंजन क्षमता | अनुमानित प्रीमियम | | 75 cc तक | ₹538 | | 75–150 cc | ₹714 | | 150–350 cc | ₹1,366 | | 350 cc से ऊपर | ₹2,804 |
फोर-व्हीलर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (सालाना)
| कार/इंजन क्षमता | अनुमानित प्रीमियम | | 1000 cc तक | ₹2,094 | | 1000–1500 cc | ₹3,416 | | 1500 cc से ऊपर | ₹7,897 |
ये न्यूनतम कानूनी प्रीमियम हैं। अगर आप अपनी गाड़ी का नुकसान भी कवर करना चाहते हैं, तो प्रीमियम बढ़ेगा।
लॉन्ग-टर्म पॉलिसी में क्या फायदा? (What is the benefit of a long-term policy?)
डिस्काउंट की गुंजाइश सीमित है, लेकिन लॉन्ग-टर्म थर्ड पार्टी पॉलिसी में कीमत लॉक हो जाती है। हर साल रिन्यूअल की टेंशन नहीं होती। कुल मिलाकर खर्च कम पड़ सकता है। एक्सपर्स्ट का मानना है कि लॉन्ग-टर्म पॉलिसी कीमतों की स्थिरता और मानसिक शांति देती है।
क्या सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस काफी है? (Is third party insurance alone enough?)
कानूनी तौर पर हां, लेकिन प्रैक्टिकल तौर पर बिल्कुल नहीं। चोरी, बाढ़, आग या एक्सीडेंट में अपनी गाड़ी के नुकसान के लिए कम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (Own Damage Cover) जरूरी है, जिसमें जीरो डेप्रिसिएशन, रोडसाइड असिस्टेंस जैसे ऐड-ऑन मिलते हैं।
लेकिन इसमें आपकी अपनी गाड़ी का नुकसान, चोरी या मेडिकल खर्च कवर नहीं होता। एक्सपर्ट बताते हैं कि यह पॉलिसी तीसरे पक्ष को हुए नुकसान की कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी कवर करती है, लेकिन आपकी अपनी कार या बाइक इससे पूरी तरह बाहर रहती है।
बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के पकड़े गए तो? (What if you get caught without third party insurance?)एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिना वैध थर्ड पार्टी बीमा के वाहन चलाने पर ₹2,000 का शुरुआती जुर्माना, दोबारा गलती पर ज्यादा, जेल तक की सजा, ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द और एक्सीडेंट की स्थिति में जेब से लाखों करोड़ों का मुआवजा देना पड़ सकता है।
कितना आता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का खर्च? (What is the cost of third party insurance?)एक्सपर्ट्स बताते हैं कि थर्ड पार्टी प्रीमियम सरकार तय करती है। जो कार (third party car insurance premium) और बाइक (third party bike insurance premium) के हिसाब से अलग-अलग होता है।
टू-व्हीलर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (सालाना)इंजन क्षमताअनुमानित प्रीमियम75 cc तक₹53875–150 cc₹714150–350 cc₹1,366350 cc से ऊपर₹2,804
फोर-व्हीलर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (सालाना)कार / इंजन क्षमताअनुमानित प्रीमियम1000 cc तक₹2,0941000–1500 cc₹3,4161500 cc से ऊपर₹7,897
ये न्यूनतम कानूनी प्रीमियम हैं। अगर आप अपनी गाड़ी का नुकसान भी कवर करना चाहते हैं, तो प्रीमियम बढ़ेगा।
लॉन्ग-टर्म पॉलिसी में क्या फायदा? (What is the benefit of a long-term policy?)डिस्काउंट की गुंजाइश सीमित है, लेकिन लॉन्ग-टर्म थर्ड पार्टी पॉलिसी में कीमत लॉक हो जाती है। हर साल रिन्यूअल की टेंशन नहीं होती। कुल मिलाकर खर्च कम पड़ सकता है। एक्सपर्स्ट का मानना है कि लॉन्ग-टर्म पॉलिसी कीमतों की स्थिरता और मानसिक शांति देती है।
क्या सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस काफी है? (Is third party insurance alone enough?)कानूनी तौर पर हां, लेकिन प्रैक्टिकल तौर पर बिल्कुल नहीं। चोरी, बाढ़, आग या एक्सीडेंट में अपनी गाड़ी के नुकसान के लिए कम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (Own Damage Cover) जरूरी है, जिसमें जीरो डेप्रिसिएशन, रोडसाइड असिस्टेंस जैसे ऐड-ऑन मिलते हैं। |