फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में निपाह वायरस (Nipah Virus) के बढ़ते मामलों ने झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पड़ोसी राज्य बंगाल में बढ़ती सतर्कता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले में भी \“हाई अलर्ट\“ जारी कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी संदिग्ध मरीज पर पैनी नजर रखें।
निपाह वायरस से बचने के लिए अस्पतालों को निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने स्पष्ट किया है कि निपाह एक जानलेवा वायरस है और सीमावर्ती राज्य बंगाल से सटे होने के कारण जमशेदपुर में संक्रमण की आशंका अधिक है। उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिया है कि किसी भी संदिग्ध मरीज के मिलते ही उसकी तुरंत जांच कराई जाए।
इसकी सूचना तत्काल जिला सर्विलांस विभाग को दी जाए। संदिग्ध मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन की व्यवस्था पर विचार किया जाए।
क्या है निपाह वायरस और कैसे फैलता है?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से निपाह (NiV) एक \“ज़ूनोटिक\“ वायरस है, जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। यह मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों (Fruit Bats) से फैलता है।
चमगादड़ों द्वारा झूठे किए गए फल, दूषित खजूर का रस या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से यह वायरस तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस के लक्षण शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसे लगते हैं, जो बाद में जानलेवा हो सकते हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- तेज बुखार और सिरदर्द: मांसपेशियों में असहनीय दर्द होना।
- श्वसन संबंधी समस्या: सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ।
- न्यूरोलॉजिकल प्रभाव: गंभीर मामलों में दिमागी सूजन (Encephalitis), बेहोशी और दौरे पड़ना।
निपाह वायरस से बचाव के लिए जिले के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि घबराने के बजाय सावधानी बरतें।उन्होंने कहा कि पेड़ों से गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों को बिल्कुल न खाएं। किसी भी फल को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
नियमित रूप से हाथ धोएं और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं। यदि तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत हो, तो घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। |
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