प्रयागराज 23 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर भुगतान में फर्जीवाड़ा को लेकर जांच शुरू हो गई है।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यमुनापार की 23 ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्य सवालों के घेरे में है। यह वह गांव हैं, जिनके प्रधान व सचिवों ने एक ही फर्म के लिए अपने खजाने के दरवाजे खोल दिए थे। अब कराए गए कार्यों के दस्तावेजी प्रमाण नहीं दे पा रहे हैं। आशंका है कि इन कार्यों में जमकर धांधली हुई है। तभी सचिव मामले को दबाने में जुटे हैं। अब इन गांवों के सचिवों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
करछना और मेला ब्लाक के गांवों का मामला
करछना ब्लाक की करछना, मुंगारी, हथसारा, खाईं, झीरीलच्छीपुर, करछना, कबरा, नैवा, घटवा, कैथी, निरिया, पिपरवां, लोहंडी, बघेरा, देवरी कला, बेंदो, धरवारा, रिथइया, हिंदूपुर, बरावां, केचुहा, निंदौरी, गदैला उपरहार, कौंधियारा की अकोढ़ा, मेजा की पथारा और उरुवा की चौकठा नरवार उपरहार समेत 26 ग्राम पंचायतों ने बीते एक अप्रैल से लेकर 30 जून तक सक्षम इंटर प्राइजेज को 1.22 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
प्रधानों व सचिवों की मिलीभगत से खेल की आशंका
एक ही फर्म को इतने बड़े पैमाने पर भुगतान से शासन को संदेह हुआ। उपनिदेशक सतीष कुमार को जांच के आदेश दिए, लेकिन वह पूरी नहीं हो सकी, क्योंकि 23 गांवों के सचिवों ने संबंधित कार्यों व भुगतान के दस्तावेज ही नहीं दिए। आशंका है कि इन कार्यों में प्रधानों व सचिवों ने मिलकर खेल किए हैं। यही कारण है कि सचिव दस्तावेज दबाकर बैठ गए हैं।
लापरवाही में ग्राम पंचायतों के सचिव संदेह के घेरे में
आशंका तो यह भी है कि कई कार्य बिना कराए ही भुगतान हुए हैं। इस लापरवाही से ग्राम पंचायतों के सचिव कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। प्रकरण की मौजूदा स्थिति को दिखवाकर एक-दो दिन में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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