search
 Forgot password?
 Register now
search

गुरुग्राम में सिटी बस सेवा बेहाल, नई इलेक्ट्रिक बसों के इंतेजार में पुरानी का निकल रहा दम; यात्री परेशान

Chikheang 2 hour(s) ago views 760
  

सेक्टर दस स्थित सिटी बस डिपो। जागरण



जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नई इलेक्ट्रिक सिटी बसों के एक साल से इंतजार में पुरानी बसें सड़कों पर बेदम हो रही हैं। प्रतिदिन तीन से चार और महीने में औसतन सौ बसों का रूटों पर ब्रेकडाउन हो रहा है। नतीजन, सटी बस सेवा प्रभावित हो रही है और यात्रियों की परेशानी दोगुना बढ़ गई है।

सरकारी दावे और योजनाओं के बीच गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की सिटी बस योजना फेल साबित हो गई है। सिटी बसों के 27 रूटों पर 150 लाे फ्लोर सीएनजी बसों का संचालन किया जा रहा है और लगभग 55 हजार से ज्यादा यात्री इनमें सफर करते हैं। लेकिन 40 लाख की आबादी वाली साइबर सिटी में बसों की कमी के कारण यात्रियों को मजबूरन आटो रिक्शा और कैब में सफर करना पड़ रहा है।

19 जनवरी को चंडीगढ़ में होने वाली हाई पावर वर्क्स कमेटी की बैठक में इलेक्ट्रिक सिटी बसों को लेकर बड़ा निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है। अगर इस साल मार्च तक भी 200 इलेक्ट्रिक बसें गुरुग्राम को मिलती है तो यात्रियों को एक बड़ी सुविधा मिलेगी।

यह भी पढ़ें- बिना कागज मकान में विदेशी नागरिक मिलने पर एक्शन, गुरुग्राम पुलिस ने 75 फ्लैट मालिकों पर की एफआईआर

बता दें कि सिटी बसों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी और तब से लेकर अब तक नई सिटी बसें बेड़े में शामिल नहीं हुई है। इस संबंध में जीएमसीबीएल के असिस्टेंट मैनेजर गजेंद्र यादव का कहना है कि रखरखाव एजेंसियों से बसों की मरम्मत करवाई जा रही है। प्रयास है कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बसों का माडल बंद, नहीं मिल रहे पार्ट्स

जीएमसीबीएल के अधिकारियों के अनुसार इन सिटी बसों का माडल कंपनी ने बनाना बंद कर दिया है। यही वजह कि इनके पार्ट्स मिलने में परेशानी हो रही है। तकनीकी खामियां, बढ़ता मेंटेनेंस खर्च और स्पेयर पार्ट्स की किल्लत ने परेशानी को बढ़ा दिया है।

  

मरम्मत की जिम्मेदारी संभाल रहे दो कंसेशनेयर ट्रैवल टाइम और टीसीआरपीएल भी सीमित संसाधनों के साथ किसी तरह व्यवस्था को खींच रहे हैं, लेकिन हर दिन बढ़ते ब्रेकडाउन व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
बसों के लिए लंबा इंतजार

बसों की कमी का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी हों या छात्र, सभी को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई रूटों पर बसें समय पर नहीं पहुंच रहीं और कई बार बीच रास्ते में खराब होकर खड़ी हो जाती हैं। मजबूरी में लोग महंगे निजी वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे जेब पर अतिरिक्त बोझ और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है।


शहर की यातायात स्थिति

मुख्य आंकड़े एक नजर में

  • 40 लाख शहर की कुल आबादी  
  • 150 लो फ्लोर सिटी बसें सार्वजनिक परिवहन की बहुत कम संख्या  
  • 4.5 लाख+ कैब, टैक्सी और निजी कारें दिनभर सड़कों पर व्यस्त रहती हैं  
  • 32,000 ऑटो रिक्शा शहर में उपलब्ध ऑटो की संख्या  
  • ‍️ 2.5 लाख प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्री (लगभग)  

2031 तक 1025 बसों की जरूरत

जीएमडीए की मोबिलिटी डिवीजन के एक सर्वे के अनुसार बढ़ती जनसंख्या को पर्याप्त बस सेवा प्रदान करने के लिए वर्ष 2031 तक गुरुग्राम में 1025 बसों की आवश्यकता होगी। भविष्य में बस सेवाओं की निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए, बस डिपो और टर्मिनल जैसे पर्याप्त बुनियादी ढांचे की स्थापना भी की जानी है।

सेक्टर 103, सेक्टर 65 और सेक्टर 48 में सिटी बस डिपो निर्माण का कार्य चल रहे हैं।

यह भी पढ़ें- जाटोली कॉलेज परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी भरने से बदतर हालात, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
153324

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com