आनंद सिंह चौहान, संग्रामपुर (मुंगेर)। जिले के पहले औद्योगिक पार्क के रूप में संग्रामपुर प्रखंड में प्रस्तावित परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। औद्योगिक पार्क की घोषणा वर्ष 2025 में की गई थी, इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
इस महत्वाकांक्षी योजना से क्षेत्र के लोगों, विशेषकर युवाओं में रोजगार की नई संभावनाएं बनने को लेकर खुशी की लहर है। सरकारी आदेश के आलोक में अंचलाधिकारी को औद्योगिक पार्क के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया था।
आदेश के अनुपालन में अंचल अधिकारी ने कटियारी व ददरीजाला पंचायत अंतर्गत डंगरा क्षेत्र में करीब 50 एकड़ सरकारी भूमि को औद्योगिक पार्क के लिए चयनित कर राजस्व विभाग को उपलब्ध कराया। राजस्व विभाग ने इस चयनित भूमि को आगे उद्योग विभाग को सुपुर्द कर दिया है।
भूमि का म्यूटेशन प्रक्रिया पूरी
उद्योग विभाग की ओर से चयनित भूमि का म्यूटेशन कराने के लिए अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अंचल कार्यालय ने म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली और उद्योग विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार, अगले सप्ताह उद्योग विभाग की ओर से चयनित भूमि का सीमांकन (डिमार्केशन) कराए जाने की संभावना है, जिससे परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में अगला कदम माना जा रहा है।
भविष्य में औद्योगिक पार्क के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ती है, तो निजी भूमि के रैयतों की सूची भी तैयार की जा रही है। ऐसी स्थिति में भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होने पर सरकार की ओर से उचित और उच्च मुआवजा दिए जाने की बात कही जा रही है, ताकि किसी भी रैयत को आर्थिक नुकसान न हो।
बेरोजगारों में दिख रहा उत्साह
औद्योगिक पार्क की घोषणा और डंगरा में भूमि चिन्हित होने के बाद स्थानीय बेरोजगार युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि पार्क के शुरू होने से उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
इस संबंध में अंचल अधिकारी निशीथ नंदन ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार कटियारी व ददरीजाला पंचायत अंतर्गत डंगरा में 50 एकड़ भूमि चिन्हित कर राजस्व विभाग को प्रेषित की गई थी, जिसे आगे उद्योग विभाग को सौंप दिया गया है।
चयनित भूमि का म्यूटेशन भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योग विभाग को और अधिक भूमि की आवश्यकता होती है, तो निजी भूमि के रैयतों की सूची पहले से तैयार कर ली गई है, ताकि आगे की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
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