प्रस्ताव में केंद्र से फैसले की समीक्षा कर पाठ्यक्रम फिर से शुरू करने का आग्रह किया गया है।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। रद किए गए श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एक्सिलेंस को पुनर्बहाली का मुद्दा आगामी बजट सत्र में भी उठेगा। सत्ताधारी दल नेशनल कान्फ्रेंस के प्रमुख प्रवक्ता और विधायक तनवीर सादिक सत्र में एक निजि प्रस्ताव ला रहे हैं, जिसमें केंद्र से श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एक्सिलेंस में एमबीबीएस पाठयक्रम की अनुमति को रद करने के फैसले की समीक्षा आग्रह किया गया है। जम्मू कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र दो फरवरी को शुरू हो रहा है।
आपको बता दें कि श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एक्सिलेंस में मुस्लिम छात्रों के दाखिले को लेकर जम्मू प्रांत में तीव्र विरोध हुआ था। संस्थान में 50 सीटों में से 44 सीटों पर मुस्लिम छात्रों को दाखिल मिला था। इस पर आपत्ति जताने वालों का तर्क है कि यह संस्थान एक हिंदु धर्मस्थल से जुड़ा हुआ है, सनातनी संस्थान के बोर्ड द्वारा स्थापित किया गया है।
मुस्लिम छात्र संस्थान में कभी अंजाने में कोई ऐसा कृत्य कर सकते हैं,जिससे सनातन परम्पराओं केा नुक्सान पहुंच सकता है और दोनों समुदायों के बीच तनाव पैदा हो सकता है।इसलिए उनके दाखिले को रद किया जाना चाहिए।
इस बीच, नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने संस्थान को दिया गया लेटर आफ़ परमिशन यह कहते हुए रद कर दिया कि संस्थान में फैकल्टी की संख्या, क्लिनिकल उपकरण और ढांचागत सुविधाओं का अभाव है और उन्हें देखते हुए मेडिकल कालेज की अनुमति सही नही हैं।
संबधित सूत्रों ने बताया कि नेशनल कान्फ्रेंस के विधायक ने निजि सदस्य प्रस्ताव के जरिए सदन में केंद्र सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन से लेटर आफ़ परमिशन वापस लेने पर तुरंत समीक्षा करने और अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को आग्रह करते हुए संस्थान में एमबीबीएस पाठयक्रम शुरु करने को कहा है।
प्रस्ताव में प्रशासकीय समिति से एक निष्पक्ष और पारदर्शी समीक्षा, और जनता के एक बड़े हित में इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एक्सीलेंस में एमबीबीएस पाठ्यक्रम फिर से शुरु करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने पर जोर दिया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह संस्थान जम्मू कश्मीर के लोगों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा आवश्यक्ताओं को पूरा करने के लिए बनाया गया था।
प्रस्ताव में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कमियों को सुधार के उपायों और संबधित नियमों के अनुपालन के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में जब तनवीर सादिक से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह उपलब्ध नहीं हो पाए। |
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