एक कमरे में चलती हैं दो-दो कक्षाएं
संवाद सूत्र, रहुई। प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय धमासंग में बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं की कमी के कारण पठन-पाठन व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। विद्यालय में पर्याप्त वर्ग कक्ष उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ही कमरे में दो-दो कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे न तो शिक्षक ठीक से पढ़ा पा रहे और न ही विद्यार्थी पढ़ पा रहे हैं।
विद्यालय में कुल 146 बच्चे नामांकित हैं, जबकि यहां सात शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इसके बावजूद छात्रों के अनुपात में वर्ग कक्षों की संख्या बेहद कम है। वर्तमान में केवल तीन कमरे ऐसे हैं, जहां बच्चों की पढ़ाई होती है। एक अन्य कक्ष को कार्यालय के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
पहले से बने दो कमरे जर्जर हालत में
वहीं, परिसर में पहले से बने दो कमरे जर्जर हालत में हैं, जिसके कारण उनका उपयोग संभव नहीं हो पा रहा है। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं और विषयों की पढ़ाई एक साथ चलने से शोरगुल बना रहता है। शिक्षक बच्चों पर समुचित ध्यान नहीं दे पाते और बच्चों को पाठ समझने में परेशानी होती है।
अभिभावकों का कहना है कि भीड़ के कारण बच्चों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पाती, जिससे उनकी एकाग्रता भंग होती है। उनका मानना है कि इस तरह की अव्यवस्था बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
कक्षों की कमी से विद्यालय प्रबंधन भी परेशान
प्रधानाध्यापक संतोष कुमार ने बताया कि वर्ग कक्षों की कमी से विद्यालय प्रबंधन भी परेशान है। उपलब्ध संसाधनों के सहारे किसी तरह शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
इस संबंध में डीपीओ आनंद शंकर ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग को पत्राचार किया जाएगा। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से शीघ्र अतिरिक्त वर्ग कक्षों के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक कक्षाओं की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद अधूरी ही रहेगी। |
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