बच्चों का चल रहा इलाज। (जागरण)
संवाद सूत्र, सिंहेश्वर(मधेपुरा)। सिंहेश्वर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गहुमणि इटहरी में मध्याह्न भोजन में बड़ी लापरवाही सामने आई है।
विद्यालय में परोसी गई खिचड़ी खाने के बाद 50 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। सभी पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मधेपुरा में भर्ती कराया गया है। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई है।
मेडिकल कॉलेज में इलाजरत बच्चों ने बताया कि शनिवार को स्कूल में उन्हें खिचड़ी दी गई थी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, चक्कर एवं पेट दर्द की शिकायत होने लगी।
बच्चों का आरोप है कि खाने में छिपकली गिरी हुई थी। जब बच्चों ने इसकी शिकायत रसोईया से की तो उनके हाथ से थाली छीन ली गई व मामले को दबाने की कोशिश की गई।
तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर बच्चों ने घर पहुंचकर स्वजन को पूरी घटना बताई। इसके बाद आक्रोशित स्वजन बच्चों को लेकर जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है।
घटना के बाद से आक्रोशित अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रसोईया समेत स्कूल के प्राचार्य पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते इलाज नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मेडिकल कॉलेज पहुंचे डीइओ ने कहा- जांच कर करेंगे कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार मेडिकल कॉलेज पहुंचे और बीमार बच्चों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। डीईओ ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। लापरवाही बरतने वाले सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जयकांत कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर को मध्याह्न भोजन में खिचड़ी परोसा गया था। पहले राउंड में कई बच्चे भोजन कर चुके थे। दूसरे राउंड में भोजन वितरण के समय सातवीं कक्षा की छात्रा प्रीति कुमारी ने अपनी थाली में कुछ असामान्य उजाला सा देखा। जब उसने उसे उठाकर देखा तो वह छिपकली निकली।
इसके बाद विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना के कुछ ही देर बाद कई बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। वहीं, मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ. अंजनी कुमार ने बताया कि बच्चों को हल्का फूड प्वाइजनिंग हुआ था, लेकिन अब सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं और स्थिति नियंत्रण में है। |
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