राज्य ब्यूरो, लखनऊ। केंद्र सरकार की कमान क्षेत्र का विकास एवं जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण (एमसीएडीडब्लूएम) परियोजना के तहत गोरखपुर और संत कबीरनगर जिलों में लघु सिंचाई की पायलट परियोजनाओं का संचालन किया जाएगा। ऐसी यह परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसमें पाइप के माध्यम से जल उपयोग की क्षमता बढ़ाई जाएगी। प्रोजेक्ट के सफलता के बाद इसे अन्य जिलों में भी अपनाया जाएगा।
सिंचाई विभाग के अनुसार केंद्रीय परियोजना के तहत छह पायलट परियोजनाएं गोरखपुर में कलपईचा-रामगढ़ ताल व राप्ती नदी क्षेत्र और संतकबीरनगर में कुवानो नदी क्षेत्र में बनाई जा रही हैं। इनमें गोरखपुर के बांसगांव, मलांव व मझगवां, राजधनी, बरगदवां व जंगल गौरी-1 और संतकबीरनगर का प्रजापतिपुर क्लस्टर शामिल है।
इनमें चार परियोजनाओं की रूपरेखा फाइनल हो चुकी है और बांसगांव और जंगलगौरी-1 के कमान क्षेत्र की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। इन परियोजनाओं का कुल कृषि योग्य कमान क्षेत्र 2149 हेक्टेयर है। कमान क्षेत्र की स्वीकृति का काम पूरा होते ही फरवरी के अंत तक सभी क्लस्टरों में परियोजनाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
परियोजनाओं में दबावयुक्त पाइप सिंचाई नेटवर्क (पीपीआइएन) तकनीक के जरिए पानी को जलस्रोत से सीधे खेतों तक पहुंचाया जाएगा। जिससे पानी की बर्बादी में कमी आने के साथ जल उपयोग दक्षता में लगभग 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। |