भारत में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी जानकारी।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप टैक्सी, कैब, ऑटो, ट्रक, बस, डिलीवरी व्हीकल या किसी भी प्रकार की कमर्शियल गाड़ी चलाकर करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (Commercial Driving License) बनवाना जरूरी है। भारत में इसे कई जगहों पर ट्रांसपोर्ट लाइसेंस, बैज, या हेवी व्हीकल लाइसेंस जैसे नामों से भी जाना जाता है। हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप बता रहे हैं कि भारत में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया क्या है, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं, फीस कितनी होती है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस क्या होता है?
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस वह लाइसेंस होता है जो परिवहन (ट्रांसपोर्ट) श्रेणी के वाहनों को चलाने के लिए जारी किया जाता है। ऐसे वाहन जिनका उपयोग कमाई/व्यवसाय के लिए होता है, वे आमतौर पर कमर्शियल माने जाते हैं।
- टैक्सी/कैब (Uber, Ola जैसी सेवाएं)
- ऑटो/ई-रिक्शा (कुछ राज्यों के नियम अलग हो सकते हैं)
- पिकअप, मिनी ट्रक, डिलीवरी वैन
- बस, ट्रक, ट्रेलर (हेवी व्हीकल)
कमर्शियल लाइसेंस बनवाने की योग्यता
भारत में अलग-अलग राज्यों में कुछ नियमों का अंतर हो सकता है, लेकिन सामान्य योग्यता इस प्रकार होती है।
उम्र
अधिकतर मामलों में कमर्शियल लाइसेंस के लिए न्यूनतम उम्र 20 वर्ष (कई जगह 21 भी हो सकता है) रखी जाती है। लाइट मोटर व्हीकल (LMV) निजी लाइसेंस आमतौर पर 18 की उम्र पर बन जाता है।
पहले से ड्राइविंग अनुभव
कई RTO में कमर्शियल/ट्रांसपोर्ट लाइसेंस के लिए यह जरूरी होता है कि आपके पास पहले से LMV ड्राइविंग लाइसेंस हो और कुछ अवधि तक आपने वाहन चलाया हो।
मेडिकल फिटनेस
कमर्शियल ड्राइवर के लिए आंखों की रोशनी, रिफ्लेक्स, और सामान्य स्वास्थ्य फिट होना जरूरी है। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट मांगा जाता है।
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
कमर्शियल DL के लिए आवेदन करते समय आमतौर पर ये दस्तावेज लगते हैं-
- पहचान प्रमाण (ID Proof)
- आधार कार्ड / वोटर ID / पासपोर्ट आदि
- पता प्रमाण (एड्रेस प्रूफ)
- आधार कार्ड / राशन कार्ड / बिजली-पानी का बिल / पासपोर्ट
उम्र प्रमाण
- 10वीं की मार्कशीट
- जन्म प्रमाण पत्र
- आधार
- पासपोर्ट साइज फोटो
कई जगह फोटो ऑनलाइन अपलोड होती है, फिर भी 2-4 फोटो रखें।
मेडिकल सर्टिफिकेट
आमतौर पर डॉक्टर द्वारा जारी फिटनेस प्रमाणपत्र (कुछ मामलों में सरकारी/अधिकृत डॉक्टर की जरूरत) की जरूरत पड़ती है। लर्नर लाइसेंस या पहले से मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत पड़ती है। यदि आप ट्रांसपोर्ट श्रेणी जोड़ रहे हैं तो पुराना ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होगा। साथ ही ड्राइविंग स्कूल सर्टिफिकेट (जहां लागू हो) और भारी वाहन के लिए कई बार अधिकृत प्रशिक्षण/ड्राइविंग स्कूल का प्रमाण मदद करता है।
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया
Step 1: पहले लर्नर लाइसेंस (LL) बनवाएं (अगर नहीं है)
अगर आपके पास पहले से ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, तो शुरुआत लर्नर लाइसेंस से होगी।
- लर्नर लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन (Parivahan पोर्टल से)
- दस्तावेज अपलोड
- फीस भुगतान
- ऑनलाइन/ऑफलाइन टेस्ट (ट्रैफिक नियम, रोड साइन, सेफ्टी)
लर्नर लाइसेंस मिलने के बाद ही आप परमानेंट लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
Step 2: ट्रांसपोर्ट या कमर्शियल कैटेगरी चुनें
अब आपको तय करना होगा कि आप किस वाहन के लिए लाइसेंस बनवा रहे हैं-
- LMV-TR (हल्का मोटर वाहन – परिवहन): टैक्सी/कैब/छोटी कमर्शियल गाड़ियां
- MGV/HGV/भारी वाहन: बस, ट्रक, ट्रेलर, भारी वाहन
आपके करियर और जरूरत के अनुसार सही कैटेगरी चुनना जरूरी है।
Step 3: ऑनलाइन आवेदन करें (परिवहन/राज्य RTO पोर्टल)
आजकल अधिकांश राज्यों में आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है।
- परिवहन की वेबसाइट पर “Driving License Related Services” में जाएं।
- “Apply for Driving License” या “Add Transport Endorsement” चुनें।
- फॉर्म भरें (नाम, पता, मोबाइल, वाहन श्रेणी)
- डॉक्यूमेंट अपलोड करें
- फीस जमा करें
- स्लॉट बुक करें (टेस्ट/वेरिफिकेशन के लिए)
Step 4: RTO में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
ऑनलाइन आवेदन के बाद आपको निर्धारित तारीख पर RTO जाना होता है। वहां पर मूल दस्तावेज (Original) चेक होते हैं। फोटो/सिग्नेचर लिया जाता है। कई जगह बायोमेट्रिक भी होता है। जब आप डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए जाएं तो सभी डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी और ओरिजिनल दोनों साथ रखें।
Step 5: मेडिकल फिटनेस टेस्ट और प्रमाणन
कमर्शियल ड्राइवर के लिए फिटनेस बहुत जरूरी होती है, इसलिए आंखों की जांच, हेल्थ फिटनेस प्रमाण और कुछ मामलों में रंग पहचान जैसी चीजें भी देखी जाती हैं।
Step 6: ड्राइविंग टेस्ट
कमर्शियल DL के लिए ड्राइविंग टेस्ट आमतौर पर ज्यादा गंभीर होता है। टेस्ट में कई चीजों को करवाया जाता है।
- वाहन पर नियंत्रण
- इंडिकेटर, मिरर का सही इस्तेमाल
- गियर शिफ्टिंग (जहां लागू हो)
- ढलान पर वाहन कंट्रोल (हिल-स्टार्ट जैसे बेसिक स्किल)
- ट्रैफिक नियमों का पालन
- रिवर्स/पार्किंग (कुछ RTO में)
भारी वाहन के लिए टेस्ट और भी विस्तृत होता है और बड़े ट्रैक/रोड पर लिया जा सकता है।
Step 7: लाइसेंस जारी होना
अगर आप टेस्ट पास कर लेते हैं तो आपका कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस अप्रूव हो जाता है। इसके बाद डिजिटल DL (DigiLocker / mParivahan) में दिखाई देने लगता है। फिजिकल कार्ड आपके पते पर डाक से आ सकता है (कुछ राज्यों में)।
कमर्शियल DL के साथ बैज (Badge) क्या होता है?
कई राज्यों में टैक्सी/ऑटो/कमर्शियल ड्राइवरों को बैज भी बनवाना पड़ता है। Badge का मतलब होता है कि आप अधिकृत रूप से पब्लिक ट्रांसपोर्ट/कमर्शियल सर्विस चला सकते हैं। इसमें पुलिस वेरिफिकेशन, लोकल नियमों का पालन, अतिरिक्त फीस/फॉर्म की जानकारी होती है। शहर और राज्य के हिसाब से Badge का नियम अलग-अलग हो सकता है।
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता
कमर्शियल/ट्रांसपोर्ट लाइसेंस की वैधता अक्सर निजी लाइसेंस से अलग होती है। आमतौर पर एक निश्चित अवधि के बाद रिन्यूअल जरूरी होता है। उम्र बढ़ने के साथ मेडिकल फिटनेस दोबारा मांगी जा सकती है। इसलिए समय पर रिन्यूअल कराना बहुत जरूरी है, वरना चालान और कानूनी परेशानी हो सकती है।
कमर्शियल लाइसेंस बनवाते समय जरूरी सावधानियां
- केवल ऑफिशियल RTO/Parivahan माध्यम से ही आवेदन करें।
- “बिना टेस्ट” या “एजेंट से गारंटी” जैसी बातों से बचें।
- टेस्ट से पहले बेसिक ट्रैफिक नियम और रोड साइन जरूर पढ़ें।
- भारी वाहन के लिए प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेना फायदेमंद है।
- लाइसेंस मिलने के बाद DigiLocker/mParivahan में सेव जरूर करें।
कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जरूरी पूछे जाने वाले सवाल-जवाब
1) कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस किसे बनवाना जरूरी होता है?
अगर आप टैक्सी/कैब, ऑटो, डिलीवरी व्हीकल, पिकअप, ट्रक, बस या किसी भी कमाई के उद्देश्य से इस्तेमाल होने वाले वाहन को चलाना चाहते हैं, तो आपको कमर्शियल/ट्रांसपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना जरूरी होता है।
2) कमर्शियल लाइसेंस बनवाने के लिए न्यूनतम उम्र कितनी होती है?
अधिकतर राज्यों में कमर्शियल (ट्रांसपोर्ट) लाइसेंस के लिए न्यूनतम उम्र 20 वर्ष मानी जाती है। हालांकि कुछ राज्यों/वाहन श्रेणी के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है, इसलिए अपने राज्य के RTO नियम जरूर जांचें।
3) कमर्शियल लाइसेंस के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आमतौर पर आपको ये डॉक्यूमेंट चाहिए होते हैं-
- आधार/वोटर आईडी
- पता प्रमाण
- उम्र प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
- पहले से मौजूद DL/LL (जैसा लागू हो)
4) कमर्शियल DL के लिए ड्राइविंग टेस्ट कैसा होता है?
कमर्शियल लाइसेंस के लिए टेस्ट में सामान्यतः इन चीजों को परखा जाता है-
- गाड़ी पर कंट्रोल (स्टार्ट, स्टॉप, गियर, स्टेयरिंग)
- इंडिकेटर और मिरर का सही इस्तेमाल
- ट्रैफिक नियमों का पालन
- रिवर्स/पार्किंग (कुछ RTO में)
5) क्या कमर्शियल लाइसेंस के साथ Badge भी जरूरी होता है?
कुछ राज्यों में टैक्सी/ऑटो/कैब जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए Badge बनवाना जरूरी होता है। इसमें कई बार पुलिस वेरिफिकेशन और अतिरिक्त शुल्क/फॉर्मलिटी भी शामिल हो सकती है। नियम राज्य और शहर के अनुसार अलग हो सकते हैं। |
|