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बच्चों के फोन पर एडल्ट कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए एक पूरी गाइड। Photo- Freepik.
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आजकल बच्चों के हाथों में भी फोन होता है। खासतौर पर पढ़ाई के लिए। ऐसे में पेरेंट्स के लिए चुनौती होती है कि वे किसी गलत कंटेंट से एक्सपोज न हो जाएं। कुछ समय पहले सेल्सफोर्स ने चार हजार लोगों का एक सर्वे किया। इसके मुताबिक, 73% भारतीय AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, AI यूजर्स में Gen-Z की हिस्सेदारी 65% है। साथ ही, सोशल मीडिया और चैटबॉट में AI के बढ़ते इस्तेमाल से फेक न्यूज और डीपफेक जैसे जोखिम भी बढ़ गए हैं। हाल ही में अमेरिका में एक 14 साल के बच्चे की आत्महत्या का मामला सामने आया था, जहां वह काफी समय से एक AI चैटबॉट से बात कर रहा था। इसी तरह, हाल ही में Grok पर भी अश्लील कंटेंट बढ़ा है। ऐसे में, हम यहां आपको बताने जा रहे हैं कि बच्चों के लिए AI को \“सेफ स्पेस\“ कैसे बनाया जाए।
दैनिक भास्कर ने एक एक्सपर्ट के हवाले से ये टिप्स दिए हैं, जिन्हें हम यहां आपसे शेयर कर रहे हैं।
फोन मॉनिटरिंग एप्स का इस्तेमाल करें
माता-पिता न सिर्फ कंटेंट, बल्कि अपने बच्चों की डिजिटल एक्टिविटी पर भी नजर रखना चाहिए। इसके लिए Watcher एप है। इसके जरिए आप बच्चे के फोन के नोटिफिकेशन देख सकते हैं, उनकी लाइव लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं और पता लगा सकते हैं कि कौन सा एप कितनी देर इस्तेमाल हुआ।
अपने बच्चे के फोन में ये 5 टूल्स और सेटिंग्स भी ऑन करें
ChatGPT: फैमिली अकाउंट के जरिए कंट्रोल
ChatGPT में, माता-पिता बच्चों को फैमिली अकाउंट से जोड़कर उनके इस्तेमाल पर नजर रख सकते हैं।
ऐसे करें: ChatGPT ओपन करें। सेटिंग्स में जाएं। पेरेंटल कंट्रोल्स सेलेक्ट करें। \“एड फैमिली मेंबर\“ पर क्लिक करें। बच्चे के ChatGPT अकाउंट से जुड़ा ईमेल एंटर करें। बच्चे के अकाउंट से रिक्वेस्ट अप्रूव करें। इसके बाद, माता-पिता चैट्स को लिमिट कर सकते हैं।
Google Gemini: Google Family Link के जरिए मॉनिटरिंग
Google ने बच्चों के लिए कंट्रोल्स को अपने Family Link सिस्टम से जोड़ा है।
ऐसे करें: Play Store से Family Link एप डाउनलोड करें। बच्चे के Gmail अकाउंट को इस एप से लिंक करें। फिर, उसी एप में Google पेरेंटल कंट्रोल्स के जरिए पेरेंट अकाउंट को लिंक करें। अब, चाइल्ड अकाउंट ऑप्शन चुनें। \“कंट्रोल्स\“ फिर \“एप्स\“ पर जाएं और Gemini ऑप्शन चुनें। यहां से आप Gemini के एक्सेस को लिमिट कर सकते हैं।
YouTube: बच्चों के लिए सबसे जरूरी सेटिंग्स
YouTube बच्चों के बीच सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला प्लेटफॉर्म है; इसलिए, यहां कंट्रोल सबसे जरूरी है।
ऐसे करें: अगर बच्चे का अलग Google अकाउंट है, तो Google Family Link पर जाएं और YouTube एक्सेस को लिमिट करें। सर्च और रिकमेंडेशन को कंट्रोल करें और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इसे एक ही डिवाइस पर यूज करें। अगर बच्चा आपके फोन या टैबलेट पर YouTube देखता है, तो YouTube ओपन करें। प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें। सेटिंग्स में \“फैमिली सेंटर\“ पर जाएं। बच्चों के लिए एक अलग अकाउंट जोड़ें।
Instagram या Meta AI: बच्चों के लिए सुपरविजन मोड का यूज करें
Instagram में AI कंटेंट और AI कैरेक्टर्स से जुड़े कंट्रोल भी उपलब्ध हैं।
ऐसे करें: Instagram प्रोफाइल ओपन करें। मेन्यू में जाएं। यहां, \“सुपरविजन फॉर टीन्स\“ ऑप्शन सेलेक्ट करें। बच्चे के फोन पर रिक्वेस्ट अप्रूव करवाएं। इसके बाद, माता-पिता AI कैरेक्टर के साथ चैट ब्लॉक कर सकते हैं, कुछ खास कीवर्ड ब्लॉक कर सकते हैं और Instagram इस्तेमाल के लिए टाइम लिमिट सेट कर सकते हैं।
AI: इन एप्स से बच्चे के फोन पर सेंसिटिव कंटेंट ब्लॉक करें
हर प्लेटफॉर्म पर बिल्ट-इन कंट्रोल हमेशा काफी नहीं होते। ऐसे मामलों में, कुछ खास AI-बेस्ड पैरेंटल कंट्रोल एप्स मददगार साबित होते हैं।
- Net Nanny: वेबसाइट, सोशल मीडिया और चैट को फिल्टर करता है।
- Canopy: फोटो और टेक्स्ट में आपत्तिजनक कंटेंट को ब्लॉक करने के लिए AI का इस्तेमाल करता है।
- Qustodio: स्क्रीन टाइम, एप यूज और ब्राउजिंग हिस्ट्री पर नजर रखता है।
ऐसे करें: ये एप्स बच्चों के फोन पर बैकग्राउंड में चलते हैं। वे अपने आप सेंसिटिव कंटेंट हाइड कर देते हैं और पेरेंट्स को रिपोर्ट भेजते हैं। ये सभी Google Play Store पर उपलब्ध हैं।
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