राजपुर प्रखंड की बारूपुर पंचायत के उत्तमपुर गांव में स्थित इंडियन बैंक शाखा को भलुहां बाजार में स्थानांतरित करने की चर्चा से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने इस कदम का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों की बैठक में विरोध का संकल्प
शुक्रवार सुबह पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान के नेतृत्व में जगदंबा सिंह के आवास पर बैठक आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर बैंक को गांव से कहीं भी स्थानांतरित न करने का संकल्प लिया।
बैंक स्थानांतरण से ग्रामीणों को परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि इंडियन बैंक उत्तमपुर गांव की एक आवश्यक सुविधा है। इसके स्थानांतरित होने से सैकड़ों ग्रामीणों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गांव से भलुहां बाजार की दूरी अधिक होने के कारण दैनिक बैंकिंग कार्यों में समय और धन दोनों की बर्बादी होगी।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बैंक को स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया, तो पूरे गांव द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
पूर्व मुखिया का प्रयास
पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान ने बताया कि सितंबर 2014 में उनके प्रयासों से उत्तमपुर गांव में इलाहाबाद बैंक की शाखा खोली गई, जिससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली। उन्होंने कहा कि बैंक गांव की संपत्ति है और इसे किसी भी कीमत पर हटने नहीं दिया जाएगा।
प्रशासनिक मनमानी का आरोप
पूर्व पैक्स अध्यक्ष राजेश्वर कुशवाहा ने आरोप लगाया कि कुछ प्रशासनिक और बैंक अधिकारियों की मनमानी के कारण ग्रामीणों की सुविधाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
बैंक के पूर्व प्रबंधक का घोटाला
पूर्व मुखिया मिथिलेश पासवान ने बैंक के इतिहास से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक मंजूर हसन ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऋण दिए थे और गंभीर वित्तीय अनियमितताएं की थीं। फर्जी नामों पर, यहां तक कि जेल में बंद और मृत व्यक्तियों के नाम पर भी ऋण स्वीकृत किए गए थे। जांच के बाद प्रबंधक को जेल जाना पड़ा था। इसके बावजूद, बैंक आज भी गांव के लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बना हुआ है।
बैठक में प्रमुख लोगों की उपस्थिति
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