यमुनानगर में नकली नोटों से ठगी का भंडाफोड़, पूर्व सरपंच निकला मास्टरमाइंड।
संवाद सहयोगी, रादौर (यमुनानगर)। गांव भूरे का माजरा में नकली नोट को असली बनाने की डाई दिखाकर लोगों से ठगी करने वाला एक गिरोह सक्रिय था, जिसका मास्टरमाइंड गांव का ही पूर्व सरपंच रिषिपाल बताया जा रहा है। गिरोह के सदस्य रुपये दोगुने करने का लालच देकर बाहर से आए लोगों को अपने घर बुलाते।
बाद में उसके गिरोह के सदस्य पुलिस आने की झूठी सूचना फैलाकर लोगों के साथ भाग निकलते। उन रुपयों को वह अपने पास रख लेते थे। इस बार खेड़ी लक्खा सिंह पुलिस चौकी की टीम ने असली में छापेमारी कर पूरे मामले का राजफाश किया। हालांकि मुख्य आरोपित पूर्व सरपंच और उसके साथी मौके से फरार हो गए, जबकि एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में बैंक कालोनी निवासी विशाल कुमार को काबू किया है और अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया। खेड़ी लक्खा सिंह पुलिस चौकी प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव भूरे का माजरा का पूर्व सरपंच रिषिपाल अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी का गिरोह चला रहा है।
वह बाहर के लोगों को अपने घर बुलाकर नकली नोट को असली बनाने की डाई दिखाने का नाटक करता था। असली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे कांच की प्लेट लगाकर उन्हें पानी से भरे बर्तन में डालता और लोगों को यह विश्वास दिलाता कि नकली नोट असली बन गए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित विशाल ने बताया कि वह रिषिपाल, जोनी और सुभाष के साथ मिलकर लोगों को नकली नोट की डाई दिखाकर फंसाता था।
पिछले रास्ते से हो गया फरार, पहले भी आ चुका नाम
इसी दौरान गिरोह का एक सदस्य अचानक पुलिस आने का शोर मचाता। डर के माहौल में पीड़ितों को पिछले दरवाजे से बाहर निकाल दिया जाता और उनके द्वारा दिए गए रुपये गिरोह के सदस्य अपने पास रख लेते थे। पुलिस के अनुसार पहले भी इस तरह की ठगी के मामलों में पूर्व सरपंच का नाम सामने आ चुका है।
सूचना के आधार पर जब पुलिस ने छापेमारी की तो आरोपित पिछले दरवाजे से फरार हो गए। मौके से पुलिस ने एक नोट गिनने की मशीन, कांच की दो प्लेटों के बीच रखे रुपये के आकार के सफेद कागजों के 70 पैकेट, तीन मोबाइल फोन बरामद किए। |