हंसडीहा- महागामा एनएन 133 फोरलेन हाइवे पर 3 हाइवे विलेज बनेंगे। फाइल फोटो
विधु विनोद, गोड्डा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से गोड्डा के हंसडीहा- महागामा एनएन 133 फोरलेन हाइवे पर तीन हाइवे विलेज बनाए जाएंगे। यहां हंसडीहा, कठौन और पथरगामा में बनेगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर एनएचएआइ को संबंधित एजेंसी को चिह्नित स्थानों में जमीन मुहैया कराकर उसे समतल करके देना है।
हाइवे विलेज भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे यात्रियों और ड्राइवरों के लिए आराम, खानपान, शौचालय और छोटे-मोटे वाहन मरम्मत जैसी सभी सुविधाओं के साथ हाइवे विलेज बनाए जाएंगे, जिससे यात्रा सुरक्षित और आरामदायक हो सके।
ये स्थान यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में मदद और स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने का मौका भी देंगे, जिससे दुर्घटनाएं कम हों और रोजगार बढ़े।
हाइवे में लंबी दूरी की यात्रा के दौरान रुकने, खाने-पीने और आराम करने की जगह ही हाइवे विलेज होगा। यहां ड्राइवर थकान से होने वाली दुर्घटनाओं से बच पाएंगे। इससे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
स्थानीय युवाओं और किसानों को रोजगार मिलेगा। उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए सुरक्षित स्थान मिलेगा। वहीं आपातकालीन सहायता भी मिलेगी। इसमें चिकित्सा आपात स्थिति या आपदा राहत के लिए सुविधाएं शामिल होंगी।
हाइवे विलेज में रेस्टोरेंट, शौचालय और विश्राम गृह के अलावा वाहन मरम्मत और ईंधन स्टेशन पेट्रोल पंप, सीएनजी व चार्जिंग प्वाइंट जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और उनकी सहायक कंपनी आइओसीएल, बीपीसीएल आदि को इसकी जिम्मेवारी दी जा रही है।
सांसद की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने दी स्वीकृति
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की ओर से इसकी मांग पूर्व में ही केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से की गई थी। बताया जाता है कि इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने गोड्डा सहित पूरे संताल में ऐसे 13 हाइवे विलेज की स्वीकृति दी है।
आने वाले दिनों में इसके लिए एनएचएआइ की ओर से गोड्डा के फोरलेन हाइवे में क्रमश: हंसडीहा, कठौन और पथरगामा में जमीन अधिग्रहित कर संबंधित एजेंसी को हाइवे विलेज के लिए टेंडर दिया जाएगा।
हाइवे विलेज भारतीय राजमार्गों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो यात्रियों और स्थानीय समुदायों दोनों को लाभ पहुंचाएगा। हाइवे विलेज और सुविधाओं का आकलन कर विभाग संबंधित एजेंसी को जमीन मुहैया कराने की दिशा में प्रयासरत है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निकट भविष्य में इसका फलाफल दिखेगा। - पीआर पांडेय, कार्यपालक अभियंता, एनएचएआइ, देवघर डिवीजन। |