एक्स हैंडल के वर्ष 2021 के एक पुरानी पोस्ट में भी मणिकर्णिका घाट को लेकर वायरल हो रही तस्वीर मौजूद है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पप्पू यादव और संजय सिंंह जैसे सियासी चेहरों के अलावा कई अन्य लोगों को वाराणसी पुलिस ने जिस फोटो के हवाले से अभियोग पंजीकृत किया है वह लगभग पांच साल पुरानी है। गूगल सर्च बाई इमेज से मंदिर के बारे में जो जानकारी सामने आई उसके अनुसार अक्टूबर 2021 में विश्वनाथ कारिडोर बनने के दौरान मंदिर के आसपास कुछ मलबा नजर आ रहा है। लेकिन मंदिर तब भी सुरक्षित थी और अब भी सुरक्षित है।
पुलिस ने पुरानी तस्वीर को लेकर “अफवाह एवं भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर सख्ती“ के क्रम में मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर AI जनरेटेड तस्वीरें एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर 8 अलग अलग अभियोग थाना चौक पर पंजीकृत किया है। हालांकि जागरण के तथ्यों की पड़ताल में वह एआइ के बजाय पांच साल पुरानी तस्वीर निकली। इस मामले में आठ व्यक्तियों एवं एक्स हैंडल को नामजद करते हुए विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
इस मामले में पांच साल पहले भी मंदिर को लेकर अफवाह फैली थी जिसपर मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंंह के वर्जन के साथ खबर भी दर्ज है। वहीं पांच साल बाद इसी फोटो को मणिकर्णिका का बता कर वायरल करने के इस मामले में आशुतोष पोटनिस, संजय सिंह, पप्पू यादव, जसविंदर कौर को अभियुक्त बनाया गया है जबकि इस मामले में वादी संगम लाल, अपर नगर आयुक्त नगरनिगम हैं। वहीं अन्य में प्रगन्या गुप्ता, मनिष सिंह, रितु राठौर और संदीप देव को भी शामिल किया गया है।
पुलिस ने जांच में पोस्ट फोटो और मंदिर की वर्तमान स्थिति को लेकर फोटो जारी किया है। - स्रोत वाराणसी पुलिस
आरोप है कि मणिकर्णिका घाट के सम्बन्ध में एक्स हैण्डल पर वास्तविक तथ्यों के विपरीत हिन्दू देवी-देवताओं को शेयर कर हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगो को एक्स हेण्डल के माध्यम से धोखा देते हुये भ्रमित करने एवं समाज में आक्रोश पैदा करने, सामाजिक सौहार्द खराब करने के साथ ही मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर AI जनरेटेड तस्वीरें एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर 8 अलग अलग अभियोग थाना चौक पर पंजीकृत किये गए हैं।
इस मामले में मनो, निवासी-वी. सेतुराजापूरम थाना-पेरूनाला, जनपद रामानाथपुरम, तमिलनाडु के शिकायती प्रार्थना पत्र द्वारा बताया गया है कि उनकी कम्पनी मणिकर्णिका घाट पर स्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं सुन्दरीकरण का कार्य 15.11.2025 से कर रही है। सोशल मीडिया एक्स हैण्डल के माध्यम से उन्हें यह जानकारी में आया है कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुन्दरीकरण के कार्य का वर्णन करते हुये वास्तविक तथ्यों के विपरीत असत्य व निराधार एवं भ्रामक तथ्यों पर आधारित एक्स हैण्डल यूजर Ashutosh Potnis (@daksinapathpati) द्वारा 16.01.2026 को 10.02 PM पर एक्स हैण्डल के माध्यम से भ्रामक एवं वास्तविक तथ्यों के विपरीत एक्स हैण्डल पर फोटोग्रफ्स शेयर कर हिन्दू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले आमजन को एक्स हैण्डल के माध्यम से धोखा देते हुये भ्रमित किया गया है। समाज में आक्रोश उत्पन्न कर सामाजिक सौहार्द खराब किया गया है, जिससे एक्स हैण्डल पर तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं।
शिकायती पत्र में सरकार पर विभिन्न प्रकार के आरोप लगाने से लोगों में आक्रोश उत्पन्न हुआ है, सामाजिक सौहार्द खराब हुआ है। एक्स हैण्डल पर कुछ असामाजिक तत्व रि-कमेण्ट कर रहे हैं एवं अन्य सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सामाजिक सौहार्द खराब करने की टिप्पणी कर रहें है। उपरोक्त एक्स हैण्डल यूजर एवं रि-ट्रीट व कमेण्ट करने वालों द्वारा किये गये कृत्य से सामाजिक सौहार्द खराब हुआ है और लोगों के मन में सरकार विरोधी मानसिकता पैदा किया गया है। एक्स हैण्डल यूजर द्वारा एक्स हैण्डल पर शेयर किये गये पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी उन्होंने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के साथ दिया है।
The sordid saga of \“Kailash temple\“ in Kashi Vishwanath complex which \“may be\“ demolished in few days. Take SS of this tweet.This temple was bone in neck of the Govt. The mehants been maintaining that govt is hell bent in demolishing it.1 pic.twitter.com/sVuHbpD2my— Shivam Mishra #saveKashi (@Bharatvidya1) October 24, 2021
वायरल हो रही तस्वीर में जो छवि प्रदर्शित की गई है वह मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है।
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अतुल अंजान त्रिपाठी, सहायक पुलिस आयुक्त। |