केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट)। (सौ.-इंटरनेट)
जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। तकनीकी गड़बड़ी के कारण दिल्ली पुलिस की हेड कॉन्स्टेबल परीक्षा से वंचित हो रहे छात्र को अंतत: केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के प्रधान पीठ नई दिल्ली से न्याय मिला।
परीक्षा के लिए अभ्यर्थी अंकित मिश्रा को कैट ने शामिल होने के लिए 16 जनवरी 2026 को अनुमति दे दी है। दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे अभ्यर्थी के अधिवक्ता व सासाराम के आदर्श कॉलोनी बौलिया रोड निवासी सौरभ कुमार ने यह जानकारी दी।
सौरभ कुमार के अनुसार तकनीकी गड़बड़ी के कारण परीक्षा से वंचित हो रहे अभ्यर्थियों का मामला कैट की प्रधान पीठ नई दिल्ली में दर्ज कराया गया था। जिसमें अभ्यर्थी अंकित मिश्रा को दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल की भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति कैट ने दी है।
यह परीक्षा 15 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक आयोजित हो रही है। अधिवक्ता ने बताया कि अभ्यर्थी के आवेदन एसएससी पोर्टल पर बार-बार आने वाली फेस मिसमैच/कैप्चर एरर जैसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण पूरा नहीं हो पाया था। उन्होंने समय पर शिकायतें और प्रतिनिधित्व दिए, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।
इस मामले में न्यायाधिकरण ने माना कि छात्र ने ईमानदारी से प्रयास किया और पूर्व में अन्य एसएससी परीक्षाओं में सफलतापूर्वक आवेदन भी किया था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि गलती छात्र की नहीं बल्कि पोर्टल की थी।
अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने युवा के हित को ध्यान में रखते हुए बिना कोई फी के यह मामला प्राधिकरण में ले जाकर न्याय दिलाने का कार्य किया। कहा कि तकनीकी गड़बड़ियों के कारण किसी भी योग्य छात्र को अवसर से वंचित करना संविधान का उल्लंघन है।
यह आदेश उन हजारों छात्रों के लिए राहत का संदेश है जो ऑनलाइन भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अवसर से वंचित हो जाते हैं। |
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