नोबेल पुरस्कार। (एक्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नोबेल फाउंडेशन ने रविवार को दोबारा स्पष्ट किया है कि नोबेल पुरस्कार को न तो आगे दिया जा सकता है और न ही प्रतीकात्मक रूप से किसी और के पास बांटा जा सकता है। फाउंडेशन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह अल्फ्रेड नोबेल की इच्छा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए है, जिसके तहत पुरस्कार उन्हीं को दिए जाते हैं जिन्होंने मानवता के लिए सर्वाधिक योगदान दिया है।
यह बयान डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो के बीच हाल की वार्ता के बीच आया है, जहां मचाडो ने राष्ट्रपति ट्रंप को अपने 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार का पदक प्रदान किया था।
मचाडो ने यह अभिव्यक्ति ट्रंप के वेनेजुएला की आजादी और लोकतांत्रिक प्रयासों के समर्थन के प्रतीक के रूप में किया। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की थी कि ट्रंप ने भी इसे आपसी सम्मान की अद्भुत अभिव्यक्ति बताई और पदक स्वीकार किया।
नोबेल समिति ने पहले ही स्पष्ट किया था कि एक बार पुरस्कार घोषणा के बाद यह न तो रद किया जा सकता है, न साझा किया जा सकता है, न किसी और को सौंपा जा सकता है। पदक, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि जैसी भौतिक वस्तुएं तो विजेता अपने अनुसार रख, दे या बेच सकता है, पर सम्मान और पुरस्कार का आधिकारिक दर्जा सदैव मूल विजेता के नाम पर ही दर्ज रहेगा।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ) |