मधेपुरा में दादी ने अपने पोतो को मुखाग्नि दी।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। जिले में शनिवार को हुए सड़क हादसे में लोगों को गम में डूबो दिया है। इस हादसे से जिलेवासी हतप्रभ व गमगीन हैं। गम के माहौल में किसी को पांच वर्षीय पुत्र ने तो किसी को 60 वर्षीया दादी ने मुखाग्नि दी। गुलजारबाग मोहल्ला निवासी अशोक साह के बेटे सोनू कुमार को उनके छोटे भाई एवं पांच साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। जिस घर में बेटा होने की खुशी में मिठाइयां बंटती उस घर में मातम पसरा है। सोनू की करीब छह साल पहले शादी हुई थी। पत्नी सोनी ने शुक्रवार की रात दूसरे बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म के लगभग नौ घंटे बाद पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी बदहवास है। सोनू दो भाइयों में बड़ा था। वह कंप्यूटर रिपेयरिंग था। पूरे परिवार की जिम्मेदारी सोनू पर ही थी।
60 वर्षीया की दादी ने रूपेश को दी मुखाग्नि
सदर प्रखंड अंतर्गत धुरगांव पंचायत के गिद्धा टोला वार्ड संख्या 11 निवासी रामनरेश दास के इकलौते कमाऊ पुत्र रूपेश कुमार की मौत से पूरा परिवार टूट गया है। हादसे की खबर मिलने के बाद से रूपेश की मां रेखा देवी, पिता रामनरेश दास, बहन सोनी कुमारी बेहोशी के दौर से गुजर रही है। रूपेश सुधा दूध का कारोबार करता था। रूपेश की 60 वर्षीया दादी ने उसे मुखाग्नि दी। उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के बराही आनंदपुरा निवासी जयप्रकाश यादव के बेटे साजन कुमार का शनिवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।
बड़े भाई ने साहिल को दी मुखाग्नि
साहिल राज का रविवार को उनके बड़े भाई के आने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। बड़ा भाई स्नेहिल राज दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। हादसे की सूचना पर वह शनिवार को ही दिल्ली से मधेपुरा के लिए रवाना हो गया था। बड़े भाई ने साहिल को मुखाग्नि दी।
मधेपुरा के लिए हादसों का दिन रहा शनिवार
मृतक सोनू के पिता अशोक साह ने बताया कि शुक्रवार की शाम करीब सात बजे सोनू हास्पिटल में भर्ती पत्नी के लिए कंबल लेने के लिए घर आया था। कुछ देर बाद पोता का जन्म हुआ, घर में पोता आने की खुशी थी लेकिन सुबह में वहीं खुशी गम में बदल गई। मधेपुरा में शनिवार की सुबह चार युवकों की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद तीन युवकों का शाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि एक युवक का दाह संस्कार रविवार को किया गया।
तीन प्रखंडों में हुए हादसों में छह घरों के बूझ गए चिराग
मधेपुरा के लिए शनिवार का दिन हादसों का दिन साबित रहा। जिले के तीन प्रखंडों में हुए हादसों में छह घरों के चिराग बूझ गया। जिला मुख्यालय के सड़क हादसे में चार, मुरलीगंज की सड़क हादसे में एक एवं गम्हरिया के सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी। किसी इकलौते पुत्र ने अपने पिता, तो किसी पिता ने अपने इकलौते पुत्र को खो दिया।
गम में डूबा है पूरा जिला
वहीं कहीं नौ घंटे पहले जन्म लिए बच्चे के सर से पिता का साया उठ गया। शनिवार की सुबह जिला मुख्यालय के बिजली बोर्ड कार्यालय एवं विश्वविद्यालय के बीच में हुए सड़क हादसे में चार युवक की जान गई। जिसमें तीन लोगों का दाह संस्कार शनिवार को ही कर दिया गया। वहीं एक का दाह संस्कार रविवार को किया गया। |
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