संवाद सहयोगी, तिर्वा (कन्नौज)। शादी जैसे पवित्र रिश्ते को ठगी का जरिया बनाया जा रहा है। दो युवकों से चार लाख रुपये ऐंठ लेने और फिर नवविवाहित दुल्हनों के जेवर-नकदी लेकर फरार हो जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित युवक जब अपनी-अपनी पत्नियों का कोई सुराग नहीं लगा सके तो वे उस महिला तक पहुंचे, जिसने शादी कराने की मध्यस्थता की थी। अब मामला पुलिस के दरवाजे तक पहुंच गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र के कीरतपुर गांव निवासी रामाशंकर और हरदोई के बिलग्राम थाना क्षेत्र के मिउरा गांव निवासी राजेश कुमार, दोनों हरियाणा के फरीदाबाद जिले में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वहीं सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र की वेदराम कॉलोनी में दोनों साथ रहकर मजदूरी करते थे। इसी दौरान उनके साथी शंकर ने अपने रिश्ते की महिला सीमा देवी से संपर्क कराया, जो कन्नौज जिले के तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के खुशहालीपुरवा गांव की रहने वाली है।
सीमा देवी ने खुद को भरोसेमंद बताते हुए बिहार के रोहतास जिले के सासाराम कस्बे से शादी कराने का दावा किया। शादी तय कराने के नाम पर उसने रामाशंकर और राजेश से दो-दो लाख रुपये ले लिए। रुपये लेने के लिए सीमा ने दोनों को अपने गांव बुलाया, जहां सौदेबाजी पक्की हुई। इसके बाद दोनों युवकों को सासाराम ले जाकर उनकी शादी कराई गई।
नौ दिसंबर 2025 को दोनों की शादियां हुईं और दुल्हनें फरीदाबाद आकर पति के साथ रहने लगीं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन महज दस दिन बाद 19 दिसंबर को दोनों महिलाएं कमरों से नकदी और जेवरात समेटकर अचानक लापता हो गईं। फोन बंद मिले और बिहार में बताए गए पते भी फर्जी निकले।
पत्नी और ससुराल पक्ष का कोई पता न चलने पर पीड़ित युवकों ने शादी की मध्यस्थ सीमा देवी की तलाश शुरू की और अंततः तिर्वा कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ला ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। |