न्यू गार्डिनर अस्पताल में मरीजों की लगी भीड़। जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी, पंजीकरण और जांच काउंटरों पर लंबी कतारें लगने से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ती भीड़ के बीच अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को मजबूरी में निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। किडनी के मरीज, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में शीघ्र अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने और व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।
संस्थान के निदेशक डा. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में रेडियोलाजी विशेषज्ञ की नियुक्ति को लेकर सरकार से आग्रह किया गया है। जैसे ही किसी नए डाक्टर की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति होती है, अल्ट्रासाउंड की सुविधा अस्पताल में ही शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल सुविधा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मरीजों को पीएमसीएच या अनुमंडल स्तरीय अस्पताल दानापुर रेफर किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि संसाधन बढ़ने के बाद मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
हर दिन पहुंचते है चार-पांच सौ मरीज
न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल मधुमेह एवं नेफ्रोलाजी मरीजों का अतिविशिष्ट अस्पताल है। यहां हर दिन चार-पांच सौ मरीज पहुंचते है। यहां मरीजों को आवश्यक पैथोलोजिक जांच व दवाएं दी जाती है। इमरजेंसी सुविधा होने के कारण यहां रात में भी डाक्टर व पारामेडिकल मरीज रहते है, जहां घटना-दुर्घटना के शिकार मरीजों को इमरजेंसी उपचार के बाद अन्य अस्पतालों को रेफर कर दिया जाता है।
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